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इंटरनेट मीडिया से हो रहे चुनाव प्रचार में ग्रामीण भारत का एक बड़ा वर्ग अछूता

जैसा कि आपको मालूम है कि कोविड-19 की गाइडलाईन को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग ने वर्चुअल रैली और प्रचार प्रसार के निर्देश जारी किये थे। जैसा की आपको मालूम है कि इस वक्त देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैंऔर कोरोना की वजह से न तो रैलियां हो रही हैं और न ही रोड शो के जरिये राजनीतिक दल जनता के बीच अपना शक्ति प्रदर्शन ही कर पा रहे हैं।  लिहाजा सारा चुनाव प्रचार डिजिटल प्रारूप में ही सिमट कर रह गया है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण राजनीतिक दल और नेता इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिये जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। इन्हीं मंचों पर अपनी प्रचार सामग्री को परोसकर पार्टियां चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए इस बार राजनीतिक पार्टियां लोकगीतों के रूप में अपने अपने प्रचार गीत बनवाकर  इंटरनेट मीडिया के मंचों पर उन्हें साझा करके जनता के दिलोदिमाग पर छा जाने को बेताब हैं। इस संग्राम में आगे निकल जाने की स्पर्धा लगभग सभी दलों में दिखाई दे रही है। ऐसे में यहां यह सवाल तैर रहा है कि लोकतंत्र के इस चुनावी त्योहार में क्या यह

नोएडा: अंतर्राज्यीय सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश, अभ्यर्थी सहित चार गिरफ्तार



  नोएडा में सेक्टर-58 थाना पुलिस ने सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को सेक्टर-62 गुप्ता तिराहे से गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक सॉल्वर और एक अभ्यर्थी भी शामिल है। आरोपी एसएससी की परीक्षा में अभ्यर्थी की जगह बैठकर परीक्षा देने आए थे। पुलिस ने उनसे फर्जी आधार सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।एडीसीपी रणविजय सिंह ने गुरुवार को बताया कि सेक्टर-62 स्थित डिजिटल एग्जाम सेंटर में एसएससी जीडी की परीक्षा आयोजित की जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह के कुछ आरोपी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में आवेदकों की जगह सॉल्वर भेजकर परीक्षा दिला रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सेक्टर-62 गुप्ता तिराहे से गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान फिरोजाबाद के गांव इशहाकपुर निवासी राघवेन्द्र, विकास कुमार, गांव नगला गुलाल निवासी संजय कुमार और आगरा के फतेहपुर के मोहल्ला नगला पदी निवासी अनीश चाहर के रूप में हुई है। इनमें विकास सॉल्वर और राघवेंद्र अभ्यर्थी है। पुलिस ने आरोपियों से पांच मोबाइल, पांच फर्जी पैन कार्ड, पांच आधार कार्ड, एक डेबिट कार्ड, दो फर्जी प्रवेश पत्र, 46 वॉट्सऐप चैटिंग प्रिंट आउट और 52,150 रुपये बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गैंग का सरगना विकास है। वह फिरोजाबाद में बप्पा कैंपस के नाम से कोचिंग सेंटर चलाता है। यहां पर ही आरोपी अभ्यर्थियों को फंसाता था। वह गैंग बनाकर पिछले करीब पांच साल से सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर रहा है। बीएससी में पढ़ाई करने वाला विकास खुद भी एक सॉल्वर है। वह 10 से 12 अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे चुका है। इसके अलावा गिरोह ने पिछले वर्षों में सैकड़ों परीक्षाओं में सॉल्वर भेजे हैं।

सॉल्वर गैंग का नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बंगाल व बिहार सहित देश के अन्य राज्यों में फैला है। पुलिस जनवरी से नंवबर तक अलग-अलग सॉल्वर गिरोह के 40 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बावजूद अब भी आरोपियों ने नोएडा को ही अपना ठिकाना बना रखा है। आरोपियों में गृह मंत्रालय के एएसओ से लेकर आयकर विभाग के इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। 

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