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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

सीडीएस जनरल रावत को श्रद्धांजलि देने पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत

 


 नयी दिल्ली /  तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने श्रद्धांजलि दी। इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ सीडीएस जनरल बिपिन रावत के आवास के बाहर खड़े लोगों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने राकेश टिकैत मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोगों की शिकायत थी कि हम काफी समय से खड़े हैं लेकिन राकेश टिकैत अभी आया और उसे अंदर जाने दिया गया। 


आपको बता दें कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम नेता और अधिकारी पहुंचे। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पार्थिव शरीर को दिल्ली कैंट के बरार स्क्वायर में लाया गया। जहां पर उन्हें एक बार फिर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सीडीएस जनरल बिपिन रावत की बेटियों ने अंतिम संस्कार की विधियां पूरी कीं। सीडीएस जनरल रावत की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी। आम लोग फूलों से सजे उस वाहन के साथ दौड़ते नजर आए जिसमें जनरल रावत और उनकी पत्नी का शव रखा था। रास्ते में लोगों ने अपने वाहन रोककर भी देश के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी को नम आंखों से विदाई दी। तिरंगे में लिपटे ताबूत में रखे जनरल रावत के अवशेषों को जैसे ही फूलों से सजी तोपगाड़ी में गाड़ी रखा गया, लोगों ने फूलों की पंखुड़ियों की बौछार की और भारत माता की जय, वंदे मातरम और जनरल रावत अमर रहें जैसे नारे लगाए।

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