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इंटरनेट मीडिया से हो रहे चुनाव प्रचार में ग्रामीण भारत का एक बड़ा वर्ग अछूता

जैसा कि आपको मालूम है कि कोविड-19 की गाइडलाईन को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग ने वर्चुअल रैली और प्रचार प्रसार के निर्देश जारी किये थे। जैसा की आपको मालूम है कि इस वक्त देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैंऔर कोरोना की वजह से न तो रैलियां हो रही हैं और न ही रोड शो के जरिये राजनीतिक दल जनता के बीच अपना शक्ति प्रदर्शन ही कर पा रहे हैं।  लिहाजा सारा चुनाव प्रचार डिजिटल प्रारूप में ही सिमट कर रह गया है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण राजनीतिक दल और नेता इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिये जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। इन्हीं मंचों पर अपनी प्रचार सामग्री को परोसकर पार्टियां चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए इस बार राजनीतिक पार्टियां लोकगीतों के रूप में अपने अपने प्रचार गीत बनवाकर  इंटरनेट मीडिया के मंचों पर उन्हें साझा करके जनता के दिलोदिमाग पर छा जाने को बेताब हैं। इस संग्राम में आगे निकल जाने की स्पर्धा लगभग सभी दलों में दिखाई दे रही है। ऐसे में यहां यह सवाल तैर रहा है कि लोकतंत्र के इस चुनावी त्योहार में क्या यह

अपने अंतिम सफर पर सी.डी.एस. जनरल बिपिन रावत,17 तोपों की सलामी के साथ होगा अंतिम संस्कार, रहेंगे 800 जवान मौजूद

 



 


सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत को अंतिम विदाई दी जा रही है। उनका पार्थिव शरीर उनके आवास से दिल्ली कैंट के बरार स्क्वायर ले जाया जा रहा है। जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। CDS रावत का अंतिम संस्कार 4:45 पर 17 तोपों की सलामी के साथ संपन्न होगा। इस दौरान 800 जवान मौजूद रहेंगे। इससे पहले आज जनरल रावत को तीनों सेना प्रमुखों ने श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही दिग्गज नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरा देश नम आंखों से CDS रावत को विदाई दे रहा है।


इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के पार्थिक शरीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में भारत के मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमणा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तीनों सेना प्रमुख, विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर, विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर, सर्बानंद सोनोवाल, किसान नेता राकेश टिकैत, निर्मला सीतारमण,  मुलायम सिंह यादव, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मनसुख मां​डविया, स्मृति ईरानी,  पीयूष गोयल, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आदि शामिल रहे।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रवि शंकर प्रसाद और भारत में ब्रिटेन के राजदूत अलेक्जेंडर एलिस समेत कई अन्य नेताओं ने भी जनरल रावत और उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि दी। पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी, द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता कनिमोई, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा नेता बैजयंत जय पांडा, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने भी रावत और उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनरल रावत को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक ‘‘अच्छा व्यक्ति’’ बताया। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने अंतिम श्रद्धांजलि देने के बाद कहा, ‘‘यह देश का नुकसान है। वह देश का गौरव थे।’’ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जनरल रावत और उनकी पत्नी के पार्थिव शरीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की।  

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