सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

लखीमपुर कांड: अभी जेल में ही कटेंगी मंत्री पुत्र की रातें, अब जमानत पर सुनवाई 6 को होगी

 


 लखीमपुर खीरी हिंसा में चार किसानों को एसयूवी से कुचल दिए जाने के आरोप में नौ अक्‍टूबर को गिरफ्तार किए गए केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को अभी जेल में ही अपने रात-दिन काटने होंगे। कोर्ट ने आशीष की जमानत पर सुनवाई के लिए अगली तारीख छह जनवरी को तय की है।गौरतलब है कि पिछले 3 अक्‍टूबर को एक कार्यक्रम में कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर लौट रहे चार किसानों को एसयूवी कार से कुचल दिया गया था। इसके बाद भड़की हिंसा में एक पत्रकार, ड्राइवर और भाजपा कार्यकर्ता की जान गई। लखीमपुर हिंसा में चार किसानों और एक पत्रकार सहित कुल आठ लोग मारे गए थे। किसानों को कुचलने वाली एसयूवी के काफिले में कुल तीन कारें थीं। पता चला कि इनमें से एक कार गृह राज्‍य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे की थी। इसके पहले 29 नवंबर को सुनवाई करते हुए जस्टिस के.एस.पवार ने राज्य सरकार को 10 दिन में काउंटर ऐफीडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया था। आशीष की जमानत इसके पहले सत्र अदालत से खारिज हो चुकी है। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हुई सुनवाई में भी आशीष को राहत नहीं मिली। आशीष की जमानत याचिका पर न्‍यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने सुनवाई की।इस मामले में पुलिस ने केंद्रीय मंत्री आशीष सहित कुल 13 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ हत्‍या सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। प्रदेश सरकार ने लखीमपुर हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी ने मंत्री के बेटे सहित 12 अन्य आरोपियों की पहचान की थी। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया था। तबसे आशीष सहित सभी 13 आरोपी जेल में हैं। 

टिप्पणियाँ

Popular Post