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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

लखनऊ : केजीएमयू में हड़ताल, ओपीडी ठप , मरीजों की बढ़ीं दिक्कतें

 


पीजीआई के समान वेतन भत्ते न मिलने पर लखनऊ केजीएमयू के कर्मचारियों का गुस्सा भड़क उठा है। नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को ओपीडी सेवा ठप कर दी। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा है। केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं। 4500 बेड हैं। ज्यादातर बेड भरे हैं। ट्रॉमा सेंटर में 150 से अधिक मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। शुक्रवार को नर्सिंग, पैरामेडिकल और टेक्नीशियन समेत दूसरे कर्मचारियों ने पूरी तरह से कामकाज ठप कर दिया। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा। ओपीडी से लेकर भर्ती मरीजों इलाज हासिल करने में अड़चन आई। जांचें प्रभावित रहीं।

सुबह से ठप है कामकाज

केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार ने कहा कि 2000 से अधिक नियमित पैरामेडिकल स्टाफ हैं। 1500 से अधिक लिपिक व दूसरे संवर्ग के कर्मचारी हैं। बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार का समर्थन किया है। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक आन्दोलन जारी रहेगा। मरीजों की दिक्कतों की जिम्मेदारी केजीएमयू प्रशासन की है।

पांच साल बाद नहीं लागू हुआ आदेश

प्रदीप गंगवार ने कहा कि 23 अगस्त 2016 केजीएमयू कर्मचारियों को पीजीआई के समान वेतनमान व भत्ते देने का आदेश जारी हुआ है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जारी शासनादेश अभी तक अमल में नहीं आया। अधिकारी आदेश को लागू करने में हीलाहवाली कर रहे हैं।

Sources:hindustanSamachar

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