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अखिलेश ने बना रखा है पिता मुलायम को बंधक: प्रमोद गुप्ता

यू.पी में जैसे ही विधानसभा चुनाव का वक्त नजदीक आता जा रहा है दल-बदल का खेल भी चरम पर है । आपको बता दें कि बिधूना विधानसभा से विधायक विनय शाक्य और उनके भाई के सपा में शामिल होने के बाद से सियासी पारा और गर्म हो गया है।इसी क्रम में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साढ़ू प्रमोद गुप्ता उर्फ एलएस भी पाला बदलने का ऐलान कर चुके हैं। जैसा की खबर है कि वह भाजपा में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच चुके हैं। उनके भाजपा में जाने के बाद बिधूना की सियासत में एक बार फिर से उलट फेर के आसार दिख रहे हैं। माना ये जा रहा है कि सपा से प्रमोद प्रबल दावेदार थे लेकिन विनय व उनके समर्थकों के शामिल से होने से चुनावी गणित गड़बड़ा गई। वहीं कुछ लोग इसे प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल द्वारा टिकट बंटवारे को लेकर अंदर खाने मची रार का असर बता रहे हैं। आपको मालूम हो बिधूना विधान सभा में प्रमोद गुप्ता एलएस पिछड़ी जाति पर अच्छी पकड़ रखते हैं। मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता ;अब साधना यादवद्ध के बहनोई हैं और मुलायम सिंह के साढू। वह एक बार टिकट न मिलने पर निर्दलीय नगर पंचायत का चुनाव लड़े और जीते थे। इसके बाद 2012 में सपा ने प

विश्व बैंक द्वारा जारी साल 2020 के चौंकाने वाले आंकड़े,एशिया के 13 सबसे गरीब देशों में भारत 13वें स्थान पर ,पाक्स्तिान आठवें स्थान पर

 


 16 दिसंबर को बांग्लादेश ने अपना 50वां विजय दिवस मनाया। पाकिस्तान के चंगुल से बांग्लादेश को आजाद कराने में भारत की भूमिका कितनी अहम रही थी यह हर कोई जानता है। पाकिस्तान से बांग्लादेश को आजाद कराने में भारत का ही हाथ था। हमारा पड़ोसी बांग्लादेश 50 सालों में बहुत बदल चुका है। पाकिस्तान के चंगुल से आजाद होने के बाद बांग्लादेश ने धीरे-धीरे ही सही आर्थिक तरक्की भी हासिल की है, जो बांग्लादेश कुछ वर्ष पहले तक बदहाल देशों की लिस्ट में गिना जाता था। अब वही बांग्लादेश एशिया के 13 सबसे गरीब देशों की सूची से बाहर आ गया है। विश्व बैंक द्वारा जारी किए गए साल 2020 के आंकड़े बताते हैं कि एशिया के 13 सबसे गरीब देशों में भारत 13वें स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान आठवें स्थान पर है। लेकिन इस लिस्ट में बांग्लादेश का नाम नहीं है। इन आंकड़ों को देखकर मायने निकाले जा सकते हैं कि भारत की मदद लेकर पाकिस्तान से आजाद होने वाला बांग्लादेश अर्थव्यवस्था के पटरी पर आज भारत को पीछे छोड़ चुका है और अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। जबकि बांग्लादेश के मुकाबिल पाकिस्तान के हालात भी पहले जैसे ही जस के तस हैं।विश्व बैंक के 2020 के आंकड़ों के मुताबिक भारत की प्रति व्यक्ति सालाना आय 1900.71 डॉलर है और बांग्लादेश में प्रति व्यक्ति सालाना आय 1968 डॉलर है।  वहीं पाकिस्तान की बात करें तो उसके प्रति व्यक्ति सालाना आय 1193.73 डॉलर है। विश्व बैंक के आंकड़ों से साफ पता चलता है कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बांग्लादेश भारत और पाकिस्तान को पीछे छोड़ चुका है। अगर बात पाकिस्तान भारत और बांग्लादेश की जीडीपी की करें तो, विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक साल 1971 में भारत की जीडीपी 67.35 अरब डॉलर थी, यह वही समय था जब भारत ने पाकिस्तान के चंगुल से बांग्लादेश को आजाद कराया था। आजाद होने के समय बांग्लादेश की कुल जीडीपी 8.75 करोड़ डॉलर थी, और पाकिस्तान की जीडीपी 10.6 अरब डॉलर थी।अब आते हैं जीडीपी के मामले में विश्व बैंक के 2020 के आंकड़ों पर, विश्व बैंक के 2020 के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत की जीडीपी 2620 अरब डॉलर है जोकि 1971 के मुकाबिल 38 गुना ज्यादा है। इस लिहाज से देखा जाए तो भारत की जीडीपी 50 सालों में 7.7 किधर से बड़ी है। वहीं जिस बांग्लादेश की 1971 में जीडीपी 8.75 करूं डॉलर थी वह 2020 में 314 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। यानी कि 23 गुना की बढ़ोतरी, यहां भी बांग्लादेश ने भारत से बाजी मारी और आगे निकल गया है। भारत में कोरोना संक्रमण में काबू आते ही अर्थव्यवस्था में तेजी दिखने लगी है। पिछले साल अक्टूबर में आईएमएफ एक वर्ल्ड इकनोमिक डाटा आया था। उसमें भी यही अनुमान लगाया गया था कि बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से ज्यादा रहेगी। पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने नकार दिया था और कहा था कि भारत और बांग्लादेश के आंकड़ों की तुलना नहीं की जा सकती। सरकार ने संसद में भी बताया कि आईएमएफ की रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी कि साल 2020 में भारत का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद बांग्लादेश के 5138.58 अमेरिकी डॉलर की तुलना में 6283.57 अमेरिकी डॉलर है। इस रिपोर्ट को सरकार ने मानने से इनकार कर दिया था।

Sources:PrabhaShakshi samachar

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