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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

बरेली : डाक्टरों पर छह लाख का जुर्माना

 


 उत्तर प्रदेश के बरेली में मरीजों के इलाज में लापरवाही बरतकर उनके जीवन को संकट में डालने वाले डॉक्टरों के खिलाफ उपभोक्ता फोरम ने कड़ा रूख अपनानते हुए छह लाख का जुर्माना किया है। ऐसे ही  एक मामले में पीड़ित दुर्गेश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण  पत्नी की मौत के बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में क्षति पूर्ति दिलाए जाने की गुहार लगाई। इसपर आयोग ने दोनों चिकत्सिकों को छह लाख आठ हजार रुपये तीस दिन में अदा करने के साथ ही पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करने के आदेश जारी किए हैं। समय पर धनराशि नहीं दिए जाने पर सात फीसद वार्षिक ब्याज देना होगा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष घनश्याम पाठक, सदस्या मुक्ता गुप्ता ने यह आदेश जारी किया है।गौरतलब है कि बरेली के एक जाने माने धर्मसिटी अस्पताल में नवाबगंज थानाक्षेत्र के गंगवार कालोनी निवासी दुर्गेश कुमार ने तीन साल पहले पत्नी धीरज कुमारी (32) को  दिखाया था। वहां डॉ़ मृदुला शर्मा  ने  उनकी पत्नी को देखकर पांच दिन की दवा दे दी। दुर्गेश के  अनुसार, पांच दिन बाद डॉक्टर ने आपरेशन करने को कहा था इसलिए धीरज कुमारी को सात जून  2017 को अस्पताल में भर्ती किया, जिसके बाद डॉ़ मृदुला शर्मा ने डॉ़ नीरा अग्रवाल के साथ मिलकर उसकी पत्नी का आपरेशन किया। आरोप है कि आपरेशन के बाद डा. मृदुला शर्मा मरीज को छोड़कर दल्लिी चली गईं। इस बीच मरीज की हालत बिगडी तो डॉ़ मृदुला शर्मा के स्टाफ ने उनकी देखरेख नहीं की और डॉ़ नीरा पर छोड़ दिया। डॉ़ नीरा अग्रवाल ने भी अपनी जम्मिेदारी से पल्ला झाडते हुए बिना रेफर लेटर के ही धीरज को मानस अस्पताल भेज दिया। वहां भी अपनी पत्नी की हालत में कोई सुधार नहीं होता देख दुर्गेश ने सुधीर को  15 जून 2017 को पत्नी को गंगाशील अस्पताल में भर्ती कराया, वहां निधन हो गया। इसके बाद न्याय के लिए दुर्गेश ने उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया जिसके तहत दोषी डॉक्टरों पर जुर्माना लगाया गया है।

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