बागेश्वर आपदा: क्षतिग्रस्त मकानों और खेतों से ग्रामीण बेघर, फसलें बर्बाद

 


बागेश्वर/ देहरादून: जिले के पौंसारी गांव में शुक्रवार को बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस आपदा में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान बसंती देवी और बछुली देवी के रूप में हुई है, वहीं रमेश चंद्र जोशी, गिरीश चंद्र और पूरन चंद्र का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही विधायक सुरेश गढ़िया और डीएम आशीष भटगाईं मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की।

भारी बारिश के चलते कपकोट क्षेत्र में हालात बिगड़ गए हैं। बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश के बाद शुक्रवार सुबह तक 100 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से हरसीला-जगथाना मार्ग बैसानी से आगे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मालूखेत मैदान के पास सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा बह गया, जबकि चचई में पंपिंग योजना भी बह गई। ग्राम सभा सुमटी में जमीन धंसने से कई लोगों की जमीन प्रभावित हुई है और बैसानी गांव में प्रेम सिंह पुत्र भगवत सिंह का मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। क्षेत्र में कई पैदल पुलों को भी भारी नुकसान हुआ है और खेत-खलिहान मलबे से भर गए हैं।

पिथौरागढ़ जिले में भी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मलबा आने से 25 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने शुक्रवार को सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया। धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, जिसको देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

चंपावत जिले में भी बारिश ने कहर बरपाया है। लगातार 12 घंटे से बारिश जारी रहने के कारण कई सड़कें बाधित हो गई हैं। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के चलते सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश की घोषणा की।बरसात के चलते पहाड़ों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों में जुटा है।

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