गर्भवती महिलाओं और टीबी मरीजों को विशेष सुविधा : धन सिंह रावत
देहरादून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में स्वास्थ्य पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालयों, उप जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहां आम लोगों को निःशुल्क जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही जगह-जगह वृहद रक्तदान शिविरों का भी आयोजन होगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सभाकक्ष में तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रदेशभर में कुल 4604 स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इनमें अल्मोड़ा में 522, बागेश्वर में 109, चमोली में 206, चंपावत में 120, देहरादून में 425, हरिद्वार और नैनीताल में 367-367, पिथौरागढ़ में 679, पौड़ी में 573, रुद्रप्रयाग में 239, टिहरी में 533, ऊधमसिंह नगर में 256 और उत्तरकाशी में 208 शिविर शामिल रहेंगे। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
इन स्वास्थ्य शिविरों में आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप जिला और जिला चिकित्सालयों के माध्यम से निःशुल्क उपचार, परीक्षण और दवा वितरण किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं और टीबी मरीजों को विशेष परामर्श दिया जाएगा। साथ ही, लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य पखवाड़े के सफल आयोजन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि इस अभियान में स्थानीय सांसदों, विधायकों, नगर निगम के महापौरों, नगर निकायों के पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य पखवाड़े के दौरान प्रदेशभर में वृहद रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इसमें आम लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा और विद्यालयों, महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल, अनुराधा पाल, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक डॉ. शिखा जंगपांगी, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर.एस. बिष्ट, डॉ. तुहिन कुमार समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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