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आयेंन्द्र शर्मा का सहसपुर सीट पर रहेगा दबदबा

 देहरादून: उत्तराखण्ड में चुनावी घमासान जोरों पर है । अभी भी दोनों पार्टियों भाजपा और कांग्रेस को सीटों के समीकरण बैठाने में पसीने छूट रहे है। जिनको टिकट मिल गया वो अपने-अपने क्षेत्र में आश्वस्त होकर वर्चुअल जनसंपर्क कर रहे हैं। बहरहाल इस बार सहसपुर विधान सभा में जोरदार टक्कर होने की संभावना है, जिसमें अबकी बार भाजपा के लिए सहसपुर सीट पर रिपीट करने के सपने को लेकर संशय बना हुआ है। इस सीट का इतिहास भी बेहद रोचक रहा है। आपकों बता दे कि यह सीट पहले चकराता विधानसभा के अर्न्तगत आती थी लेकिन परसीमन के बाद सहसपुर विधानसभा बनी। तकरीबन एक लाख सत्तर हज़ार से ज्यादा मतदाता वाली इस सीट पर घमासान होने के आसार हैं। गौरतलब है कि भाजपा के शासनकाल में कई ऐसे मुद्दे उठे जिसे लेकर सियासत उबाल पर रही थी, जिसके चलते भाजपा का ग्राफ नीचे आया है। जिसका असर इस बार के चुनाव में जरूर नज़र आयेगा। आपको बता दें इस सीट पर कांग्रेस का ही दबदबा रहा है। भले ही 3 बार भाजपा ने इस सीट पर जीत हासिल करी हो इसमें का्रग्रेस की गुटबाजी ने भाजपा को फायदा पहुंचाया था। इस बार फिर कांग्रेस ने आर्येन्द्र शर्मा पर अपना विश्वास जताया ह

- सदन में कृषि कानूनों पर चर्चा नहीं होने की बात गलत--वेंकैया नायडू

नयी दिल्ली / राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को उच्च सदन में कहा कि यह कहना सही नहीं है कि उच्च सदन में कृषि से संबंधित विधेयकों पर चर्चा नहीं हुयी। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि कृषि कानूनों पर कोई चर्चा नहीं हुयी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सदन के कामकाज का रिकार्ड देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि रिकार्ड के अनुसार सदन में कृषि विधेयकों पर चार घंटे चर्चा हुयी। नायडू ने कहा कि उन विधेयकों पर मतविभाजन को लेकर अलग अलग नजरिए हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले ही दोहरा चुके हैं कि सदन में कृषि कानूनों पर विस्तृत चर्चा हुयी थी। उन्होंने कहा, ‘‘गलत धारणा बनायी जा रही है कि कोई चर्चा नहीं हुयी। मतविभाजन को लेकर लोगों की अपनी दलीलें हो सकती हैं। लेकिन जहां तक चर्चा का मुद्दा है, सभी दलों ने अपनी ओर से भाग लिया और सुझाव दिए। यह रिकार्ड में है।’’ नायडू ने यह टिप्पणी उस समय की जब कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया। Sources:Agency News

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