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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

किसान मोर्चा देशभर में तीन घंटे के लिए 6 फरवरी को करेगा चक्का जाम

नयी दिल्ली / किसान यूनियनों ने अपना फरमान सुनाते हुये छह फरवरी को चक्का जाम किये जाने का येलान किया है। किसान यूनियन अपने धरना स्थलों के निकट क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा पर रोक , अधिकारियों द्वारा बेवजह उत्पीड़न और दीगर मुद्दों के खिलाफ तीन घंटे तक राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को जाम कर अपना विरोध दर्ज करायेंगे। यूनियन के नेताओं ने यहां सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे छह फरवरी की दोपहर 12 बजे से अपराह्र तीन बजे तक सड़कों को अवरुद्ध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट 202-.22 में किसानों की अनदेखी की गई है, और उनके विरोध स्थलों पर पानी और बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि किसान एकता मोर्चा के ट्विटर अकाउंट और ट्रैक्टर,ट्विटर नाम के एक उपयोगकर्ता को प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि ट्विटर अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई ष्ष्सरकारी अधिकारियों के अनुरोध पर की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बजट में कृषि क्षेत्र के आवंटन को कम कर दिया गया है। पंजाब के एक किसान नेता और एस.के.एम से जुड़े बलबीर सिंह राजेवाल ने संवाददाताओं को बताया कि विभिन्न यूनियनों के साथ चर्चा के बाद छह फरवरी को चक्का जाम की रूपरेखा पर फैसला किया जाएगा। राजेवाल ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान दावा किया कि कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके अलावा कई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें एक पत्रकार भी शामिल है। उन्होंने कहा, हमारा 6 फरवरी का विरोध उन पत्रकारों पर किए गए उत्पीड़न के खिलाफ भी होगा जो जमीनी सच्चाई को सामने ला रहे हैं। सभार/ अन्डियन आईडल

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