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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे अरविंद केजरीवाल,  कर सकते हैं बड़ा एलान

 


 2022 के चुनाव को देखते हुए उत्तराखंड की आधी आबादी को साधने के लिए आप नेता व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बड़ी घोषणा कर सकते हैं। मंगलवार को काशीपुर के एक दिवसीय दौरे पर दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर केजरीवाल महिलाओं के लिए चौथी बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इसके लिए महिलाओं को उनके दौरे से उम्मीदें है।केजरीवाल सुबह 11:05 पर पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे। जहां पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। स्वागत करने वालों में दिनेश मोहनिया, कर्नल अजय कोठियाल व भूपेश उपाध्याय आदि आप पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद वह काशीपुर के लिए रवाना हो गए।सोमवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में आप प्रवक्ता उमा सिसोदिया ने कहा कि इससे पहले केजरीवाल उत्तराखंड के चार बार दौरा कर मुफ्त बिजली, रोजगार, मुफ्त तीर्थ यात्रा की गारंटी दी है। मुफ्त बिजली अभियान से अब तक प्रदेश के साढ़े 14 लाख से ज्यादा परिवार पंजीकरण करवा चुके हैं। जिन्हें प्रदेश में आप की सरकार बनते ही सीधा फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग आज महंगाई से परेशान हैं। बीते 21 सालों में महिलाओं को लेकर कांग्रेस और भाजपा की दोनों सरकारों ने कोई काम नहीं किया। राज्य की महिलाएं आज भी पहाड़ सा जीवन जी रही हैं। दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने महिलाओं के लिए कई अभूतपूर्व योजनाएं लागू की हैं। महिलाओं को मुफ्त बस सेवा की सौगात दी है।अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य का लाभ महिलाओं को मिलता है। प्रदेश की आधी आबादी महिलाओं की है। लेकिन 21 वर्षों के बाद भी उन्हें हक नहीं मिला है। उन्होंने कहा अब उत्तराखंड की सभी महिलाओं की केजरीवाल से उम्मीद हैं कि उनकी समस्याओं से निजात दिलाएंगे। जल्द ही महिलाओं के लिए भी बड़ी सौगात देंगे।उम्मीद जताई जा रही है कि केजरीवाल देवभूमि में अगली गारंटी आधी आबादी को दे सकते हैं। हालांकि अभी यह सिर्फ कयास भर है। आम आदमी पार्टी की ओर से आधी आबादी को साधने की संभावना इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि केजरीवाल ने पंजाब में महिलाओं को ध्यान में रखते हुए घोषणा की है।आम आदमी पार्टी ने वहां कहा है कि अगर पंजाब में उसकी सरकार बनती है तो 18 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र की हर महिला के खाते में हर महीने एक हजार रुपये भेजे जाएंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में की गई घोषणा को काशीपुर में भी दोहरा सकते हैं। हालांकि आगामी चुनाव में यह देखने वाली बात होगी कि केजरीवाल की महिलाओं पर केंद्रित इस घोषणा का क्या असर होता है। मतदान में किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं है महिलाएं। 2019 के लोकसभा चुनाव की बात की जाए तो कुल 62.36 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 47.79 प्रतिशत थी। इसी तरह विधानसभा चुनाव में भी 65.6 प्रतिशत मतदान में से महिला मतदाताओं का प्रतिशत 47.43 था। उत्तराखंड के ऊपर वर्तमान में 85 हजार करोड़ का कर्ज है। ऐसे में सभी पार्टियों की ओर से किए जा रहे लोकलुभावन वादे क्या राज्य के लिए मुफीद साबित होंगे? यह सवाल हर प्रदेश वासी के जेहन में होगा कि प्रदेश सरकारें इन घोषणाओं को पूरा करने के लिए बजट कहां से लाएंगी। हालांकि इसके पीछे केजरीवाल का दिल्ली मॉडल है, जिसकी चकाचौंध से हर तीसरा आदमी संमोहित नजर आता है। 



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