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उत्तराखंड: 28 जनवरी तक होगा नामांकन, विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी

निर्वाचन आयोग ने 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है जिसके तहत नामांकन पत्र 28 जनवरी तक भरे जा सकेंगे। उत्तराखंड के सरकारी गजट में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 29 जनवरी को की जाएगी। उम्मीदवार 31 जनवरी तक अपना पर्चे वापस ले सकेंगे। मतदान 14 फरवरी को कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग की पूर्व की घोषणा के अनुसार सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतों की गणना 10 मार्च को कराई जाएगी। अधिसूचना के अनुसार मतदान सुबह आठ बजे से शाम छह निर्धारित मतदान केन्द्रों पर कराया जाएगा। आयोग ने कहा है कि उत्तराखंड में 12 मार्च से पहले निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया करा ली जाएगी। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च तक है। 

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम ने हिंसा को बताया पूर्व नियोजित साजिश, फंसे सकते हैं आशीष मिश्रा

 

 


 लखनऊ /  लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को उपद्रव के बाद हिंसा में आठ लोगों की मौत के मामले की जांच कर रही टीम ने इसको पूर्व नियोजित साजिश माना है। टीम ने इस केस में केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे और मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा मोनू के खिलाफ कई धारा में भी बदलाव किया है।

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि यह घटना एक पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। इस मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी ने भी माना है कि किसानों को गाड़ी से कुचलने की पूरी घटना एक सोची समझी साजिश थी। एसआईटी ने अब आरोपियों पर लगाई गई धाराएं भी बदल दी हैं। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे और इस केस के मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा समेत 14 आरोपियों पर अब गैर इरादतन हत्या की जगह हत्या का केस चलेगा।तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के समक्ष आवेदन दायर किया है। इसके तहत 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोपों के अंतर्गत उनके अपराध को दंडनीय बनाने के लिए नई धाराओं को शामिल करने का अनुरोध किया गया है। इसको लेकर एसआईटी जांच अधिकारी विद्याराम दिवाकर ने पिछले हफ्ते सीजेएम की अदालत में आईपीसी की धारा 279, 338 और 304 ए की जगह वारंट में नई धाराएं जोड़ने के लिए आवेदन दायर किया है।लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों पर जांच के बाद धाराएं बदली गई हैं। अब सभी आरोपियों पर जानबूझकर अपराध करने का आरोप है। एसआईटी ने आइपीसी की धाराओं 279, 338, 304 ्रको हटाकर 307, 326, 302, 34,120 बी,147, 148,149, 3/25/30 को लगाया है। जांच अधिकारी ने बताया घटना सुनियोजित और एक जानबूझकर किया गया कार्य था, न कि लापरवाही।


जांच अधिकारी ने धारा 279 को बदलने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 326 (खतरनाक हथियारों या साधनों से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 34 (सामान्य इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य), 279 (सार्वजनिक रास्ते पर तेज गति से वाहन चलाना या सवारी करना), 338 (जो कोई इतनी जल्दबाजी या लापरवाही से किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाता है) और 304ए (लापरवाही से मौत का कारण) को जोडऩे का अनुरोध किया है। 


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