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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

उत्‍तराखंड: अब सात दिसंबर से होगा गैरसैंण में विधानसभा सत्र

 


 देहरादून /  ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अब विधानसभा का दो दिवसीय सत्र सात दिसंबर से शुरू होगा। पहले सरकार ने 29 व 30 नवंबर को सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया था, जिसकी तिथि में बदलाव किया गया है। माना जा रहा है कि वर्तमान विधानसभा का यह अंतिम सत्र होगा।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के अनुसार सरकार की ओर से सात व आठ दिसंबर को गैरसैंण में सत्र के आयोजन की सूचना विधानसभा को दी गई है। इसे देखते हुए विधानसभा ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, गैरसैंण में पहले से ही सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं, लेकिन इन्हें और दुरुस्त किया जा रहा है।उधर, गैरसैंण में मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी का पहला सत्र होगा। 

देहरादून में वह बतौर नेता सदन एक सत्र में भाग ले चुके हैं। यही नहीं, विधानसभा के प्रस्तावित सत्र को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि वर्तमान विधानसभा के इस अंतिम सत्र को गैरसैंण में आयोजित कर सरकार यह संदेश देने का प्रयास करेगी कि वह गैरसैंण के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। वजह ये कि गैरसैंण राज्य की जनभावनाओं से जुड़ा विषय है। यह भी माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार गैरसैंण से पर्वतीय क्षेत्र के विकास के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती है।

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