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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

संविदा पर तैनात पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियरों की आज से हड़ताल,सीएम आवास घेराव की दी चेतावनी

 


 सरकार, शासन की ओर से लोक निर्माण विभाग में संविदा पर कार्यरत जूनियर इंजीनियरों ने सरकार, शासन स्तर से नियमितीकरण आदेश जारी नहीं जारी किए जाने से शनिवार से प्रदेश भर में 300 से अधिक जूनियर इंजीनियरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया है। आक्रोशित जूूनियर इंजीनियरों ने हड़ताल के साथ ही मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय घेराव का एलान किया है। कनिष्ठ अभियंता संविदा उत्तराखंड समिति के पदाधिकारियों और जूनियर इंजीनियरों की ओर से नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। अब जबकि सरकार, शासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो आक्रोशित जूनियर इंजीनियरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया है। लोक निर्माण विभाग जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज डोभाल का कहना है कि संविदा पर कार्यरत सभी जूनियर इंजीनियर एक दशक से विभाग में अति दुर्गम और आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बेहद विपरीत परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।संविदा पर कार्यरत जूनियर इंजीनियरों ने पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट चारधाम परियोजना, केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण के साथ ही श्री बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान तैयार करने में अपनी पूरी सेवाएं दीं, लेकिन इसके बावजूद संविदा पर कार्यरत जूनियर इंजीनियरों को नियमित नहीं किया जा रहा है।  



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