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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

जोशीमठ : जनता ने मुख्यमंत्री की ज्योतिर्मठ घोषणा पर की आतिशबाजी

 


जोशीमठ: मुख्यमंत्री के जोशीमठ अब ज्योतिर्मठ करने की घोषणा से जोशीमठवासी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि इससे यहां की धार्मिक पहचान बढ़ेगी। जनता ने बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल के नेतृत्व में नटराज चौक पर एकत्र होकर आतिशबाजी कर लड्डू बांटे।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के घोषणा के बाद ही ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र भट्ट को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मठ नामकरण से इस नगर की पौराणिक पहचान बनेगी। उम्मीद जताई गई कि घोषणा के अनुरूप जल्द ही इसका शासनादेश भी जारी होगा।इस नगर को लंबे समय से पौराणिक नाम ज्योतिर्मठ किए जाने की मांग हो रही थी। शास्त्रों में इस नगर को ज्योतिर्मठ के नाम से ही जाना जाता था। आदिगुरु शंकराचार्य की तप स्थली इस नगर का नाम ज्योतिर्मठ करने की मांग को लेकर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य ने मांग पत्र भेजा था, नगर पालिका व विकासखंड सहित जिला पंचायत में भी इस बाबत प्रस्ताव पारित किए गए थे। इस अवसर पर मृत्युंजय महादेव आश्रम, विष्णु प्रियानन्द ब्रह्मचारी, धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल , कुशलानंद बहुगुणा, डा. किरण शांडिल्य, शिवानंद उनियाल, अरविंद प्रकाश पंत, वेदाचार्य वाणी विलास, प्रदीप सेमवाल, सभासद समीर डिमरी, सभासद आरती उनियाल , पूर्व सभासद गीता परमार , महिमानन्द उनियाल, अभिषेक बहुगुणा, प्रवीण नौटियाल, अमित तिवारी, जगदीश उनियाल, राधामाधव दास, हरीश डिमरी, सुन्दर कुमार आदि शामिल थे।

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