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अखिलेश ने बना रखा है पिता मुलायम को बंधक: प्रमोद गुप्ता

यू.पी में जैसे ही विधानसभा चुनाव का वक्त नजदीक आता जा रहा है दल-बदल का खेल भी चरम पर है । आपको बता दें कि बिधूना विधानसभा से विधायक विनय शाक्य और उनके भाई के सपा में शामिल होने के बाद से सियासी पारा और गर्म हो गया है।इसी क्रम में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साढ़ू प्रमोद गुप्ता उर्फ एलएस भी पाला बदलने का ऐलान कर चुके हैं। जैसा की खबर है कि वह भाजपा में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच चुके हैं। उनके भाजपा में जाने के बाद बिधूना की सियासत में एक बार फिर से उलट फेर के आसार दिख रहे हैं। माना ये जा रहा है कि सपा से प्रमोद प्रबल दावेदार थे लेकिन विनय व उनके समर्थकों के शामिल से होने से चुनावी गणित गड़बड़ा गई। वहीं कुछ लोग इसे प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल द्वारा टिकट बंटवारे को लेकर अंदर खाने मची रार का असर बता रहे हैं। आपको मालूम हो बिधूना विधान सभा में प्रमोद गुप्ता एलएस पिछड़ी जाति पर अच्छी पकड़ रखते हैं। मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता ;अब साधना यादवद्ध के बहनोई हैं और मुलायम सिंह के साढू। वह एक बार टिकट न मिलने पर निर्दलीय नगर पंचायत का चुनाव लड़े और जीते थे। इसके बाद 2012 में सपा ने प

इत्र व्यापारी के घर खजाने की तलाश में सो नहीं रहे अफसर, 60 घंटे में आंख झपकाना हुआ मुश्किल

 


खुशबू के शहर में खजाने की तलाश में आई जीएसटी की विजिलेंस टीम पिछले लगातार 60 घंटे से सर्च ऑपरेशन चला रही है। इस दौरान टीम के अफसरों को नींद लेना मुश्किल हो रहा है। कुछ हासिल करने की उम्मीद में लगातार काम में जुटे अफसरों को आंख झपकाने की भी फुर्सत नहीं मिल रही है। पीयूष जैन के मकान से देर रात तक चहलकदमी की आवाज बाहर आती है। साफ है कि सर्च ऑपरेशन में जुटे अफसर नींद नहीं ले रहे हैं। पहले कानपुर फिर अब कन्नौज में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर और कारोबारी ठिकाने पर खजाने की तलाश में जुटी जीएसटी की विजिलेंस की टीम शुक्रवार की दोपहर ही यहां आ गइ थी। उसी दिन शाम चार बजे टीम के सदस्य पीयूष जैन के मकान में दाखिल हुए थे। तब से अब तक 60 घंटे से भी ज्यादा समय गुजर चुका है।विजिलेंस टीम का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। इस दौरान टीम के अफसर लगातार अपने-अपने काम में लगे हुए हैं। ताला खुलवाने से लेकर दस्तावेजों की पड़ताल करने वाले लोग लगातार काम कर रहे हैं। विजिलेंस टीम के साथ ही उनकी मदद में शामिल यहां के लोकल पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिसकर्मी भी तब से लगातार उनके ही साथ हैं। जरूरी काम से बाहर आने वाले पुलिसकर्मी बताते हैं कि वह तो कुर्सी पर बैठकर नींद ले लेते हैं, लेकिन विजिलेंस टीम के सदस्य लगातार काम कर रहे हैं। रात होने पर जरूर कोई सदस्य थोड़ी देर के लिए ब्रेक ले लेता है, लेकिन वह तब भी काम से मुंह नहीं मोड़ता है। पहले दिन तो सिर्फ 12 अफसर ही टीम में शामिल थे। अब हर रोज इसकी संख्या बढ़ रही है। समय का फेर देखिए, अपने ही घर में उछलकूद करने वाले, अपने मुताबिक मस्ती और शरारत करने वाले पीयूष जैन के बेटे प्रत्यूष और मोलू पिछले तीन दिनों से अपने ही घर में मेहमान बने हुए हैं। वह न तो अपनी मर्जी से एक जगह सू दूसरी जगह जा सकते हैं न ही उन्हें बिना मर्जी के टॉयलेट जाने की इजाजत है। टीम के सदस्यों के इशारों पर ही वह लगातार मकान के एक हिस्से से दूसरे हिस्से की तरफ जा रहे हैं। टीम के सदस्य अपनी जांच के मुताबिक जब चाहते हैं, जिधर चाहते हैं, उधर ले जाते हैं। इस दौरान उन्हें किसी से भी बात करने की इजाजत भी नहीं है। अपने मकान से बाहर निकलने पर वह मौजूद लोगों से भी नजर चुराते दिखते हैं। जब तक जांच पूरी नहीं जाती है, तब तक वह इसी तरह विजिलेंस टीम के ही इशारे को मानेंगे। जांच के बाद ही उन्हें राहत मिल सकती है। देर रात में उन्हें जरूर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में सोने की इजाजत मिलती है। लेकिन बाहर निकलने पर उनकी आंखों से पता चलता है नींद उनसे भी कोसों दूर है।जीएसटी की विजिलेंस टीम के साथ कोतवाली पुलिस के कई जवान भी पीयूष जैन के मकान में हैं। वह जवान जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलते हैं। उन्हें ज्यादातर पीयूष जैन के बेटों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना और वापस लाना होता है। इसके अलावा अंदर मौजूद लोगों के लिए लंच और पीने की पानी की बोतल लाना उनकी रूटीन में शामिल है। उन्हें किसी से भी बात करने की इजाजत नहीं है।

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