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हरक की घर वापसी, बहू अनुकृति ने भी थामा कांग्रेस का हाथ

देहरादून: पांच दिनों तक मचे सियासी घमासान के बाद आखिरकार पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और उनकी बहू अनुकृति गुसाईं ने आज दिल्‍ली में कांग्रेस का दामन थाम लिया।  इस दौरान पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश रावत समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। इस दौरान हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश का विकास मेरा लक्ष्‍य है। उन्होंने कहा कि मैं बिना शर्त कांग्रेस परिवार में शामिल हुआ हूं।हरक ने कहा मैंने 20 साल तक कांग्रेस के लिए काम किया है। मैं सोनिया गांधी का एहसान किसी भी कीमत पर नहीं भूलूंगा । वहीं देर आयद दुरूस्त आये की कहावत चरितार्थ करते हुये कांग्रेस में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की वापसी पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत की आपत्ति के बाद पेच फंसा हुआ था । हालांकि सरकार तोडने में हरक की भूमिका जिसमे उन्होंने वर्ष 2016 में बगावत कर उनकी सरकार गिराई भी हरीश रावत बहुत नाराज थे जिसको लेकर हरीश रावत के तीखे तेवरों में अभी कमी नहीं आई है। वह हरक सिंह रावत को लोकतंत्र का गुनहगार बताते हुए पहले माफी मांगने पर जोर देते रहे। लेकिन हरीश रावत कह चुके थे कि हरक की

नीति आयोग की रिपार्ट में खुलासा,स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक पायदान नीचे लुढ़का उत्तराखंड

 


देहरादून /  नीति आयोग द्वारा जारी स्वास्थ्य सूचकांक में उत्तराखंड एक पायदान और नीचे लुढ़का है। उत्तराखंड की ओवरआल रैंकिंग 15 आंकी गई है। बीते वर्ष उत्तराखंड ओवरआल परफार्मेंस में 14वें स्थान पर था। हालांकि, क्रमिक सुधार के मामले में उत्तराखंड 13वें स्थान पर है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में उत्तराखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की ओर भी इंगित किया है।सोमवार को नीति आयोग ने देश के सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मानक पर चौथे सर्वे की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में उत्तराखंड को उन चार राज्यों में शामिल किया गया है जिनकी श्रेणी नीचे गिरी है। हालांकि क्रमिक सुधार में उत्तराखंड ने 0.58 अंक की वृद्धि की है। कुल 44.21 अंक लेकर भी उत्तराखंड एक पायदान नीचे आया है। लिंगानुपात में उत्तराखंड को हजार बालकों में 840 बालिकाओं के साथ सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य में शामिल किया गया है।कार्यालयों में आइटी के प्रयोग के मामले में भी उत्तरखंड को पिछड़े राज्यों में शामिल किया गया है। इसके साथ ही फर्स्ट रेफेरल यूनिट के मामले में भी उत्तराखंड में 21.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उत्तराखंड का प्रदर्शन खराब रहा है। सुशासन और सूचना प्रसार के क्षेत्र में उत्तराखंड 11वें स्थान पर रहा है। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के मामले में उत्तराखंड छठे स्थान पर है। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी उत्तराखंड में सबसे अधिक दर्शायी गई है। उत्तराखंड ने कई क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन भी किया है। इनमें जिला अस्पतालों की संख्या, मृतकों की सूचना दर्ज करने व टीबी के मामलों की सूचना रखना शामिल है।टिहरी जिले के अंतर्गत तपोवन नगर पंचायत की अधिसूचना जारी कर दी गई है। कैबिनेट की हाल में हुई बैठक में इस नगर पंचायत के गठन पर मुहर लगाई गई थी।सचिव (प्रभारी) शहरी विकास विनोद कुमार सुमन की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत तपोवन में तपोवन, घुघत्याणी तल्ली व मल्ली, जामरी काटल, पाथो मध्ये बिलखेत तोक के 97.485 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है। इस नगर पंचायत की जनसंख्या 3890 होगी।

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