सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

इंटरनेट मीडिया से हो रहे चुनाव प्रचार में ग्रामीण भारत का एक बड़ा वर्ग अछूता

जैसा कि आपको मालूम है कि कोविड-19 की गाइडलाईन को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग ने वर्चुअल रैली और प्रचार प्रसार के निर्देश जारी किये थे। जैसा की आपको मालूम है कि इस वक्त देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैंऔर कोरोना की वजह से न तो रैलियां हो रही हैं और न ही रोड शो के जरिये राजनीतिक दल जनता के बीच अपना शक्ति प्रदर्शन ही कर पा रहे हैं।  लिहाजा सारा चुनाव प्रचार डिजिटल प्रारूप में ही सिमट कर रह गया है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण राजनीतिक दल और नेता इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिये जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। इन्हीं मंचों पर अपनी प्रचार सामग्री को परोसकर पार्टियां चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए इस बार राजनीतिक पार्टियां लोकगीतों के रूप में अपने अपने प्रचार गीत बनवाकर  इंटरनेट मीडिया के मंचों पर उन्हें साझा करके जनता के दिलोदिमाग पर छा जाने को बेताब हैं। इस संग्राम में आगे निकल जाने की स्पर्धा लगभग सभी दलों में दिखाई दे रही है। ऐसे में यहां यह सवाल तैर रहा है कि लोकतंत्र के इस चुनावी त्योहार में क्या यह

ग्रेड पे बढ़ाने की मांग पर पुलिस परिजनों का सचिवालय के बाहर प्रदर्शन

  


देहरादून /  पुलिस कर्मचारियों को सेवा के आधार पर 4600 ग्रेड पे दिए जाने की मांग पर उनके परिजनों ने मंगलवार को सचिवालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही आनन फानन में पुलिस मौके पर पहुंची। महिलाओं को गिरफ्तारी की चेतवानी दी। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, इसके बाद एक बजे इस बाबत शासनादेश जारी करने की मांग का अल्टीमेटम देते वापस गांधी पार्क पहुंची और वहां धरना शुरू कर दिया। सोमवार को पुलिस कर्मियों ने परिजनों ने सीएम आवास कूच किया था। इस दौरान हाथीबड़कला में बैरियर लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया था।

टिप्पणियाँ

Popular Post