सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

अखिलेश ने बना रखा है पिता मुलायम को बंधक: प्रमोद गुप्ता

यू.पी में जैसे ही विधानसभा चुनाव का वक्त नजदीक आता जा रहा है दल-बदल का खेल भी चरम पर है । आपको बता दें कि बिधूना विधानसभा से विधायक विनय शाक्य और उनके भाई के सपा में शामिल होने के बाद से सियासी पारा और गर्म हो गया है।इसी क्रम में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साढ़ू प्रमोद गुप्ता उर्फ एलएस भी पाला बदलने का ऐलान कर चुके हैं। जैसा की खबर है कि वह भाजपा में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच चुके हैं। उनके भाजपा में जाने के बाद बिधूना की सियासत में एक बार फिर से उलट फेर के आसार दिख रहे हैं। माना ये जा रहा है कि सपा से प्रमोद प्रबल दावेदार थे लेकिन विनय व उनके समर्थकों के शामिल से होने से चुनावी गणित गड़बड़ा गई। वहीं कुछ लोग इसे प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल द्वारा टिकट बंटवारे को लेकर अंदर खाने मची रार का असर बता रहे हैं। आपको मालूम हो बिधूना विधान सभा में प्रमोद गुप्ता एलएस पिछड़ी जाति पर अच्छी पकड़ रखते हैं। मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता ;अब साधना यादवद्ध के बहनोई हैं और मुलायम सिंह के साढू। वह एक बार टिकट न मिलने पर निर्दलीय नगर पंचायत का चुनाव लड़े और जीते थे। इसके बाद 2012 में सपा ने प

45 हाथियों के झुंड ने तोड़े 18 मकान, खा गए घरों में रखे अनाज, दहशत में ग्रामीण रातों को रहे जाग

 


  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के पसान वनपरिक्षेत्र में 45 हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया है। हाथियों ने एक ही रात में तीन गांव के 18 घरों को तोड़ दिया और घरों में रखे अनाज को भी चट कर गए। हाथियों की दस्तक से आसपास के गांवों में धान मिंजाई का काम भी बंद हो गया है। झुंड अभी बरबस पारा पहाड़ के निकट है। दिनभर जंगल में रहने के बाद हाथी रात को गांवों की तरफ आ रहे हैं। विभाग ने हाथियों की निगरानी के लिए वन कर्मियों की ड्यूटी लगाई है। वहीं ग्रामीणों को सुरक्षित जगहों पर जाने की समझाइश और हाथियों की मौजूदगी वाले इलाके में नहीं जाने मुनादी कराई गई है। दहशत की वजह से ग्रामीण रतजगा (रातभर जागना) कर रहे हैं।मिली जानकारी के मुताबिक हाथियों ने बीती रात बरबस पारा के 13, बलबहरा के तीन और मोहनपुर बगबुडी के दो मकानों को तोड़ा है। हाथियों ने घर में रखे धान व चावल को भी चट कर दिया है। वन कर्मियों ने बताया कि हाथी दिनभर जंगल में रहते हैं और रात होते ही गांव की तरफ आ जाते हैं। हाथी किसानों की बाड़ियों में लगी सब्जियों को भी बर्बाद कर रहे हैं। हाथी प्रभावित गांवों के बीटगार्ड ईश्वर मानिकपुरी ने बताया कि कर्मचारियों के साथ हाथियों पर नजर रखे हैं। गांव के लोगों को मिट्टी के मकान को छोड़कर स्कूल अथवा आंगनबाड़ी में जाने कहा गया है। वन कर्मियों ने बताया कि लगभग 45 हाथियों का दल क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। दल में तीन हाथी के बच्चे भी हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि हाथी गांव की ओर न आए इसलिए दल की निगरानी की जा रही है। हाथियों ने 18 आवासों को नुकसान पहुंचाया है।वन अफसरों के मुताबिक कटघोरा वन का पसान रेंज पिछले ढाई साल से हाथियों की समस्या से जूझ रहा। इस रेंज में जनवरी से अब तक हाथियों ने 300 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचाया है, जिनमें 120 से ज्यादा मकानों को पूरी तरह से ध्वस्त किया है। हाथियों की मौजूदगी से इस कड़कड़ाती ठंड में ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर है। हाथियों का दल कब किस गांव की ओर रूख कर जाए इसका ठिकाना नहीं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल और आंगनबाड़ी में ठहराया तो जा रहा है, लेकिन घर की चिंता रहती है। दिनभर कामकाज करने के बाद रात को ठीक से नींद भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। 

टिप्पणियाँ

Popular Post