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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

SIT के खुलासे के बीच क्या मंत्री पद से इस्तीफा देंगे अजय मिश्रा टेनी ?

 


 लखीमपुर हिंसा के बाद से विवादों में घिरे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। इन सबके बीच मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अजय मिश्रा टेनी को दिल्ली बुला लिया गया है। माना जा रहा है कि अजय मिश्रा को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। आपको बता दें कि जब से लखीमपुर हिंसा मामले को लेकर एसआईटी जांच के खुलासे हुए हैं तब से भाजपा भी बैकफुट पर नजर आ रही है।

वहीं दूसरी ओर एक बार फिर से अजय मिश्र टेनी अपने बयान की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। आज पत्रकारों ने अजय मिश्र टेनी से कई सवाल किए जिसके बाद उन्होंने अपना आपा खो दिया। पत्रकारों को देखते ही अजय मिश्रा टेनी भड़क गए और उन्हें अपशब्द बोला है। मिल रही जानकारी के मुताबिक अजय मिश्र टेनी 5:35 बजे वाली फ्लाइट से दिल्ली लौट रहे हैं। अजय मिश्रा टेनी ने आज से कहा कि एक निर्दोष आदमी को फंसाया जा रहा है। शर्म नहीं आती कि कितने गंदे लोग हैं, हॉस्पिटल है, सब है, यह नहीं दिखाई देता है। वहीं भाजपा ने अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया और बुधवार को कहा कि लखीमपुर खीरी मामले पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती क्योंकि यह अदालत के विचाराधीन है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मामले की जांच जारी है। इस प्रकार के बयान (विपक्षी दलों के) दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अदालत से कहा है कि चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या की घटना एक ‘‘सोची-समझी साजिश’’ थी तथा उसने मामले में अधिक गंभीर आरोपों को शामिल किए जाने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का पुत्र आशीष मिश्रा इस मामले के 13 आरोपियों में शामिल है। एसआईटी के आवेदन पर दलीलों को सुनने के बाद लखीमपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) चिंता राम ने गत तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले की पड़ताल कर रही एसआईटी को मुकदमे में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने की मंगलवार को इजाजत दे दी। 

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