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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

वॉट्सऐप हैकिंग : दिल्ली पुलिस ने सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर विदेशी नागरिक को दबोचा

 

 दिल्ली पुलिस साइबर क्राइम यूनिट की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई ने वॉट्सऐप हैकिंग (WhatsApp Hacking) सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। इस हैकिंग का इस्तेमाल ठगी और धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।



पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान नाइजीरिया के रहने वाले चिमेलम इमैनुएल अनिवेतालु के रूप में हुई है। आरोपी दिल्ली और बेंगलुरु के अन्य आरोपियों के साथ मिलकर यह सिंडिकेट चला रहा था। यह गिरोह लोगों के फोन हैक कर उनके वॉट्सऐप अकाउंट्स का कंट्रोल हासिल कर लेता था। 

वॉट्सऐप अकाउंट पर नियंत्रण करने के बाद पीड़ितों की कॉन्टैक्ट लिस्ट में लोगों को संकटकालीन कॉल और मैसेज भेजे गए और उनसे रुपयों की मांग करते थे। इन आरोपियों के पास एक बैंक अकाउंट भी था जो पीड़ितों की कॉन्टैक्ट लिस्ट के साथ शेयर किया गया था। मामले की शिकायत मिलने पर दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एक मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। 

जांच के दौरान यह पता चला था कि आरोपी ने मैलवेयर लिंक डिजाइन करने के लिए एक एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया था, जो पीड़ितों के मोबाइलों पर भेजे गए थे। प्रत्येक पीड़ित के लिए अलग एप्लिकेशन बनाई गई थी, जो इंस्टॉल होने पर पीड़ित के कॉन्टैक्ट, कॉल लॉग, एसएमएस को आरोपी के सर्वर पर भेज देती थी।इमैनुएल पर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के अन्य मामलों में भी शामिल होने का आरोप है। पुलिस द्वारा आरोपियों के पास से एक लैपटॉप और 15 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि इस सिंडिकेट के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। 

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