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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

दिल्ली: हाईटैक हो गये मयखाने,लगा होगा ए.सी, चखना भी मिलेगा साथ,खुल गईं 850 नई प्राइवेट शराब की दुकानें

 


 दिल्ली सरकार ने खुदरा शराब कारोबार को अलविदा कह दिया है क्योंकि 17 नवंबर से शहर के बाजारों में एक नई आबकारी व्यवस्था लागू हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में संचालित लगभग 600 सरकारी शराब की दुकानों के लिए मंगलवार अंतिम कारोबार का दिन था।  दिल्ली में बुधवार से नयी आबकारी नीति लागू होने के साथ ही वॉक-इन सुविधाओं वाली शराब की निजी दुकानें खुल गईं और अब रेस्तरां में बोतलों में शराब परोसी जाएगी। दिल्ली में नई शराब की दुकानों पर सुविधाएं

  • नई आबकारी नीति के तहत शहर के 32 जोनों में उत्तम दर्जे की शराब की दुकानें स्थापित की जाएंगी।
  • एक रिटेल लाइसेंसधारी के पास प्रति जोन 27 शराब की दुकानें होंगी।
  • इसका उद्देश्य शहर के कोने-कोने में मौजूदा शराब की दुकानों को बदलकर कम से कम 500 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले पॉश और स्टाइलिश शराब की दुकानों के साथ वॉक-इन सुविधा के साथ उपभोक्ता अनुभव में क्रांति लाना है।
  • ये दुकानें विशाल, अच्छी रोशनी वाली और वातानुकूलित होंगी।
  • इसे सीसीटीवी कैमरों से लैस करना होगा।
  • यह नीति सड़कों और फुटपाथों पर लोगों की भीड़ के साथ ग्रिल्ड दुकानों के माध्यम से शराब बेचने पर भी रोक लगाती है।
  • यह नीति 2,500 वर्ग फुट के क्षेत्र में पांच सुपर-प्रीमियम खुदरा विक्रेता खोलने की भी अनुमति देती है।

नई शराब की दुकानें होंगी वॉक-इन

दिल्ली की नयी आबकारी नीति के तहत महानगर के 32 जोन में शराब की दुकानें खोली जाने का आदेश है। एक जोन में 27 शराब की दुकानें होंगी। नयी नीति के तहत शहर के कोने-कोने में मौजूदा शराब की दुकानों की जगह कम से कम 500 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले वॉक-इन सुविधा वाले आलीशान शराब की दुकानें खोली जाएंगी। ये दुकानें बड़ी और वातानुकूलित होंगी। शराब के धंधे में लगे लोगों ने नयी शराब व्यवस्था के पहले दिन शराब की किल्लत और संभावित अराजकता की आशंका व्यक्त की है। हालांकि, आबकारी विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लोगों को कोई समस्या न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 


दिल्ली में शराब की किल्लत और संभावित 

दिल्ली शराब व्यापार संघ के अध्यक्ष नरेश गोयल ने कहा कि शुरुआत में अराजकता की संभावना है क्योंकि बुधवार से सभी दुकानें काम करना शुरू नहीं कर पाएंगी. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर अभी भी नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप दुकानें तैयार की जा रही हैं, इसलिए इसमें कुछ समय लग सकता है।


रेस्तरां में बोतलों में शराब जाएगी परोसी

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने लगभग 350 दुकानों को लाइसेंस दिए हैं और 10 थोक लाइसेंसधारियों के साथ 200 से अधिक ब्रांडों का पंजीकरण किया गया है। थोक लाइसेंसधारियों ने अब तक विभिन्न ब्रांडों की नौ लाख लीटर शराब की खरीद की है।’’ उन्होंने कहा कि 32 जोनों में सभी आवेदकों को लाइसेंस वितरित किए गए हैं, लेकिन नयी आबकारी नीति के पहले दिन लगभग 300-350 दुकानों के संचालन शुरू होने की संभावना है। नयी आबकारी नीति के तहत रेस्तरां में बोतलों में शराब की बिक्री की भी अनुमति दी गई है।

क्या शराब की कीमत ज्यादा होगी?

आबकारी विभाग, जो दिल्ली में पंजीकृत होने वाले ब्रांडों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) तय करने की प्रक्रिया में है, ने कहा कि सभी प्रकार की शराब के थोक मूल्य में 8-9 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया शराब की कीमतें शुरुआती दिनों में थोड़ी ऊंची दरों के साथ शुरू हो सकती हैं, लेकिन इसका दूसरा रास्ता भी हो सकता है। आखिरकार, कीमतें स्थिर होने के लिए बाध्य हैं और हम सुरक्षित रूप से कह सकते हैं कि दिल्ली शराब की दरों को कम रखने और आकर्षक छूट की पेशकश करने के लिए गुरुग्राम के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करेगी, जो अब तक राष्ट्रीय राजधानी में संभव नहीं था।

Sources:PrabhaShakshi Samachar


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