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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

पर्यटकों के लिए आज से बंद हुआ कॉर्बेट पार्क

 


मानसून के मद्देनजर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के सभी प्रवेश द्वार पर्यटकों के लिए मंगलवार से बंद कर 



दिए गए। अब टाइगर रिजर्व 15 नवंबर से खुलेगा। हालांकि, कोरोना की वजह से कॉर्बेट रिजर्व तीन मई से बंद ही चल रहा था। सीटीआर के कोटद्वार गेट से सोनानदी वन्यजीव विहार से जुड़े वतनवासा-हल्दूपड़ाव और पाखरो गेट से टाइगर रिजर्व के जंगलों में पर्यटन गतिविधियां संचालित होती हैं। मानसून के दौरान इनके गेट हर साल 15 जून से 14 नवंबर तक बंद रखे जाते हैं। 15 नवंबर से 14 जून तक के सात महीने पार्क में देश-विदेश के पर्यटक जंगल सफारी कर वन्यजीवों के दीदार करते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष मार्च तक कालागढ़ टाइगर रिजर्व में करीब 14174 पर्यटक पहुंचे थे। जबकि नए वित्तीय वर्ष में अप्रैल माह में 1229 पर्यटक पहुंचे। बीते साल अक्तूबर माह में पाखरो प्रवेश द्वार को केवल दैनिक भ्रमण के लिए खोला गया था। जबकि नवंबर माह के दूसरे सप्ताह में दुर्गा देवी, वतनवासा, हल्दूपड़ाव, रथुवाढाब, मुंडियापानी, मोरघट्टी प्रवेश द्वार को पर्यटकों के लिए खोला गया। दिसंबर में लौहाचौड़ और कांडा प्रवेश द्वार को भी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया था।कोरोना संक्रमण के चलते तीन मई से सभी प्रवेश द्वार पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए थे। कोटद्वार रिसेप्शन केंद्र की प्रभारी धर्मा रावत ने बताया कि अब मानसून के कारण 15 जून से पांच माह के लिए विभाग की ओर से विधिवत रूप से सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं। 



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