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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव.संग्राम 2022: भाजपा.और आप के बीच में छिड़ा स्टार वार,कांग्रेस कर रही इंतजार

      भाजपा व आप ने रणनीति के तहत स्टार वार का गेम शुरू किया है। दरअसल, आचार संहिता लागू होने पर वीवीआईपी की रैलियां कराने के लिए पूरा खर्चा प्रत्याशियों के खाते में शामिल होता है।  उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले स्टार वार शुरू हो चुका है। भाजपा और आम आदमी पार्टी अभी इसमें आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस अभी इंतजार के मूड में है।   निर्वाचन आयोग की टीमों की इस पर पैनी नजर रहती हैं।  निर्धारित सीमा से ज्यादा खर्च होने की दशा में ऐसे प्रत्याशियों को आयोग के नोटिस झेलने पड़ते हैं और चुनाव के वक्त इनका जवाब देने में उनका समय अनावश्यक जाया होता है। भाजपा में सबसे ज्यादा डिमांड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है। वे दो माह के भीतर उत्तराखंड के दो दौरे कर चुके हैं। पहले वे सात अक्तूबर को ऋषिकेश एम्स में आक्सीजन प्लांट जनता को समर्पित करने आए और इसके बाद पांच नवंबर को केदारनाथ धाम के दर्शन को पहुंचे। अब मोदी चार दिसंबर को दून में चुनाव रैली संबोधित करने आ रहे हैं। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस बीच दो दौरे कर चुके हैं। अक्तूबर में कुमाऊं के कई हिस्सों में आपदा के बाद वे रेस्क्यू आपरेशन

क्या मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत गंगोत्री विधानसभा सीट से लड़ेंगे उपचुनाव ?

 


 मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत गंगोत्री विधानसभा से चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा हाईकमान उत्तराखंड में दो-दो उपचुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि,सीएम के पास चुनाव लड़ने के लिए अन्य कई विकल्प भी खुले हैं।मुख्यमंत्री फिलहाल दिल्ली के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही पार्टी हाईकमान के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे, जिसमें उनके चुनाव लड़ने की सीट पर भी चर्चा होनी है। सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष अपने उत्तराखंड दौरे पर पार्टी नेताओं के साथ सीएम के चुनावी सीट को लेकर मशविरा कर चुके हैं। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए अब बहुत कम वक्त बचा है। सूत्रों ने बताया कि ऐसे में भाजपा हाईकमान इस पक्ष में नहीं है कि गंगोत्री के अलावा कोई अन्य विधानसभा सीट खाली करा कर उत्तराखंड में दो-दो उपचुनाव कराए जाएं। हाईकमान का मानना है कि गंगोत्री सीट खाली है तो मुख्यमंत्री को वहीं से चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए। गंगोत्री सीट पर कांग्रेस से विजयपाल सजवाण सशक्त दावेदार हैं। वे इस सीट से पहले विधायक रह भी चुके हैं। सजवाण पहले ही साफ कर चुके हैं कि यदि गंगोत्री से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ते हैं तो वे पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेंगे। ऐसे में अब मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सीट को लेकर फैसला करना है। हालांकि उनके पास इसलिए भी कई विकल्प खुले हैं क्योंकि उनकी पार्टी के पांच विधायक पहले ही उनके लिए सीट खाली करने का ऐलान कर चुके हैं। 

जिला संगठन की भी पैरवी

भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारी भी मुख्यमंत्री को गंगोत्री विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह कर चुके हैं। इनमें से कुछ पार्टी पदाधिकारी सेफ हाउस में भी सीएम से इस बाबत मुलाकात कर चुके हैं। उधर, सूत्रों ने बताया, भाजपा के एक वरिष्ठ बागी नेता की भी इस दौरान सीएम से भेंट हुई है। वे भी तीरथ को गंगोत्री से चुनाव लड़ने की पैरवी कर रहे हैं। 
आयोग दे चुका है तैयारियों के निर्देश

गंगोत्री विधानसभा सीट विधायक गोपाल रावत के अप्रैल में निधन के चलते खाली हुई है। उनका बेटा अभी छोटा है, लिहाजा उनके चुनाव लड़ने का सवाल नहीं। उनकी पत्नी शांति रावत वर्ष 2019 में शिक्षिका के पद से रिटायर हुई हैं। वे देहरादून के जोगीवाला में किराये के मकान में रहती हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर पार्टी संगठन के आदेश को तवज्जो देने की बात कही है। उधर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या उत्तरकाशी के जिला निर्वाचन अधिकारी को उपचुनाव की तैयारियों का निर्देश दे चुकी हैं।मेरे से संगठन की चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई बात नहीं हुई है। मैं पार्टी संगठन से बंधी हूं। पार्टी का जो भी फैसला होगा, उसका सम्मान करूंगी। 

शांति रावत, पत्नी स्वर्गीय गोपाल रावत 

Sources:Hindustansamachar

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