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त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के दिए निर्देश

    नई दिल्‍ली /   सुप्रीम कोर्ट त्रिपुरा में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में राज्य पुलिस की कथित मिली-भगत और निष्क्रियता के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने सरकारों को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।  अधिवक्ता ई. हाशमी की ओर से दाखिल याचिका पर अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पैरवी की। उन्‍होंने सर्वोच्‍च अदालत से कहा कि वे हालिया साम्प्रदायिक दंगों की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। इस मामले में अब दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। भूषण ने कहा कि सर्वोच्‍च अदालत के समक्ष त्रिपुरा के कई मामले लंबित हैं। पत्रकारों पर यूएपीए के आरोप लगाए गए हैं। यही नहीं कुछ वकीलों को नोटिस भेजा गया है। पुलिस ने हिंसा के मामले में कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में अदालत की निगरानी में इसकी जांच एक स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की प्रति केंद्रीय एजेंसी और

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव का कार्यक्रम जारी: नामांकन 26 जून को और मतदान 3 जुलाई को होगा

 


   यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 26 जून को नामांकन किया जाएगा जबकि मतदान 3 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा। इसके बाद मतगणना प्रारंभ की जाएगी। बता दें कि इस संबंध में अधिसूचना सोमवार को ही जारी की जा चुकी है।प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव मई में हुए थे, तभी से जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव का इंतजार हो रहा था। प्रदेश सरकार ने पहले जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराने का फैसला किया है, वहीं क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव जुलाई में कराए जाने की संभावना है।

भाजपा व सपा के बीच तगड़ी जोर आजमाइश

प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव काफी अहम हैं। ज्यादातर जिलों में सत्ताधारी दल भाजपा व सपा के बीच कड़े मुकाबले के आसार हैं। कई जिलों में बसपा भी अध्यक्ष पद की मुख्य दावेदार है। ज्यादातर जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों की अहम भूमिका होगी, जिनकी जोड़तोड़ तेज हो गई है। अलग-अलग जिलों में सुभासपा, आप, कांग्रेस, अपना दल आदि समर्थित जीते सदस्य भी समीकरण को प्रभावित करेंगे।

उप चुनाव के बाद भी दो प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के 6,384 पद खाली

त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के छह और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 186 पदों पर प्रत्याशी निर्वाचित हुए। उप चुनाव के बाद भी ग्राम प्रधान के दो और ग्राम पंचायत सदस्य के 6,384 पद रिक्त रह गए हैं।राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सोमवार को सुबह 8 बजे से मतगणना हुई। मतगणना के बाद रायबरेली, उन्नाव, लखीमपुर खीरी, वाराणसी और बदायूं में जिला पंचायत सदस्य के एक-एक वार्ड में हुए उप चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किए गए।उन्होंने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य के 186, ग्राम प्रधान के 156 और ग्राम पंचायत सदस्य के 14,179 रिक्त पदों पर हुए उप चुनाव के नतीजे भी घोषित किए गए। श्रावस्ती की रामपुर देवमन और खैरी तराई ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान का पद रिक्त रहा है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सदस्य के 6,384 पद रिक्त रहे हैं।

Sources:AmarUjala


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