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देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने की घोषणा का स्वागत

  उत्तराखंड सरकार ने आज देवस्थानम बोर्ड को निरस्त करने का  ऐतिहासिक फैसला लिया है । ब्राह्मण समाज महासंघ उत्तराखंड इस निर्णय का स्वागत करता है।करीब 2 वर्ष पहले जब यह नया कानून उत्तराखंड राज्य की देवभूमि में बना तभी से ब्राह्मण समाज महासंघ लगातार इसका विरोध करता आया है । मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को ज्ञापन देकर व सड़क पर आकर तीर्थ पुरोहित समाज के लिए उनकी रक्षा के लिए  ब्राह्मण समाज महासंघ सदैव इस कार्य में अग्रणी रहा है।गत 5 सितंबर को  देवभूमि की राजधानी देहरादून में गांधी पार्क पर ब्राह्मण समाज महासंघ ने एक विरोध प्रदर्शन तीर्थ पुरोहित जनेऊ  खंडित करने व देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए किया था। आज सरकार के इस निर्णय से देवभूमि के पुरोहित व पंडा समाज के सम्मान की रक्षा हुई है ।हम आशा करेंगे कि देवभूमि की सरकारें तीर्थ पुरोहित समाज, ब्राह्मण समाज का सम्मान व उनकी भावनाओं की रक्षा करते हुए इसी तरह से भविष्य में भी कार्य करेंगे।महासंघ के संरक्षक श्री लालचन्द शर्मा जी ने श्री राम परशुराम मन्दिर में चतुर्वेद विधालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे सनातन धर्म के धर्म रक्षको व ब्राह्मण समाज महासंघ क

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला-सांसद नवनीत राणा को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका,जायेंगी सुप्रीम कोर्ट

अमरावती से सांसद नवनीत राणा को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच से जबरदस्त झटका लगा है। दरअसल, कोर्ट ने सांसद नवनीत राणा का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया है। इतना ही नहीं, कोर्ट की ओर से नवनीत राणा पर दो लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। नवनीत राणा पर फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर कास्ट सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगा था। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि उसने जाली और फर्जी दस्तावेजों का उत्पादन करके जाती जांच समिति से धोखे से सत्यापन किया था इसलिए जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया और जब्त कर लिया गया है। ANI @ANI Nagpur bench of Bombay High Court cancels the caste certificate of Amravati MP Navneet Rana "Since she got it validated fraudulently from Caste Scrutiny Committee by producing fabricated & fraudulent documents, caste certificate is cancelled & stands confiscated," Court says
नवनीत राणा के खिलाफ मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि नवनीत राणा पंजाब से जाती हैं। कोर्ट के फैसले पर सांसद नवनीत राणा ने कहा कि मैं इस देश के नागरिक के रूप में कोर्ट के आदेश का सम्मान करती हूं। मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी। मुझे विश्वास है कि न्याय मिलेगा। आपको बता दें कि याचिका में यह दावा किया गया था कि नवनीत लबाना जाति से आती हैं और महाराष्ट्र में यह जाति एससी की श्रेणी में नहीं आती। फिलहाल नवनीत राणा अमरावती से निर्दलीय सांसद हैं। वह केंद्र सरकार का लगातार समर्थन करती हैं तथा महाराष्ट्र की सरकार के खिलाफ बोलते रहती हैं। Sources:Agency News

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