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हरियाणा में बड़ा हादसा, दो कारों में टक्कर, 6 लोगों की मौत

    हरियाणा : कैथल में आज सुबह-सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। कैथल में मंगलवार की सुबह दो कारें आपस में टकरा गईं, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। यह घटना कैथल जिले के पाई गांव की है, जहां आज सुबह करीब सात बजे आई-10 और स्विफ्ट डिजायर कार में आमने-सामने से जोरदार टक्कर हुई। इस हादसे में चार लोग घायल हुए हैं, जिनका कैथल सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।  पुलिस ने बताया कि आई-10 में सवार छह लोग शादी में शामिल होकर पुंडरी लौट रहे थे, जबकि डिजायर में चार सवार कुरुक्षेत्र से कैथल के मल्हार गांव जा रहे थे। आई-10 में यात्रा करने वाले चार मृतकों की पहचान बरेली निवासी सत्यम (26), पुंडरी के रमेश (55), नरवाना के अनिल (55) और हिसार के शिवम (20)  के रूप में हुई है। वहीं, अन्य दो मृतक डिजायर में सफर कर रहे थे, जिनकी पहचान विनोद (34) और पत्नी राजबाला (27) के रूप में हुई है। ये दोनों मल्हार गांव के थे। इनके सात साल के बेटे विराज को चोटें आईं हैं। इसके अलावा, उसी गांव के सोनिया भी घायल हुई हैं।  आई-10 में सफर कर रहे पुंडरी के सतीश और नरवाना के बलराज भी घायल हो गए हैं। इन सभी घायलों का इलाज कैथल सिविल अस्पताल मे

ट्रैक्टर परेड हिंसा संबंधी याचिका पर सुनवाई से SC ने किया इनकार

नयी दिल्ली/ सुप्रीम कोर्ट ने 26 जनवरी के मौके पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दरम्यान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाला पैनल गठित करने संबंधी याचिका पर विचार करने से आज इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने पी.आई.एल दायर करने वाले वकील विशाल तिवारी से आवश्यक कदम उठाने के लिए केंद्र सरकार को अभिवेदन देने को कहा। न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन भी पीठ का हिस्सा थे। पीठ ने कहा कि हमें भरोसा है कि सरकार इसकी, ‘हिंसा’ जांच कर रही है। हमने प्रेस को दिए गए प्रधानमंत्री के इस बयान को पढ़ा है कि कानून अपना काम करेगा। इसका मतलब यह है कि वे इसकी जांच कर रहे हैं। हम इस मामले पर इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहते। तिवारी ने इस हिंसा की जांच के लिए न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग गठित किए जाने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से जुड़ी इसी प्रकार की दो अन्य याचिकाओं पर सुनवाई से भी इनकार कर दिया और याचिकाकर्ताओं ने सरकार को अभिवेदन देने को कहा। तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस को की गई किसानों की ट्रैक्टर परेड में हजारों प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेंडिंग तोड़ दिए थे, पुलिस के साथ संघर्ष किया था वाहनों को पलट दिया था और लाल किले की प्राचीर पर एक धार्मिक ध्वज फहराया था। साभार/ इन्डियन आईडल

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त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के दिए निर्देश