इंदिरा हृदयेश पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की आपत्तिजनक टिप्पणी से कांग्रेस में उबाल, रोका काफिला

 

नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश पर उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद कांग्रेस में उबाल है। मंगलवार को बंशीधर भगत की उक्त टिप्पणी सामने आने के बाद बुधवार को जगह-जगह प्रदर्शन का दौर जारी रहा। कई जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का पुतला दहन किया।वहीं अपने कुमाऊं दौरे पर रानीखेत पहुंचे भगत को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। यहां कार्यकर्ताओं ने उनका काफिला रोक कर काले झंडे दिखाए और उनके विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मंगलवार को अपने भीमताल दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश की उम्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए ऐसी बात कह दी कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पार्टी की ओर से माफी मांगनी पड़ गई।वायरल हुए एक वीडियो में भगत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष की उम्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी के साथ यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वृद्ध नेता प्रतिपक्ष के संपर्क में अब कौन आएगा। डूबते जहाज के संपर्क में कौन आता है? भगत के इस बयान के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आने लग गईं। मामला अभी-अभी स्वस्थ होकर लौटे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के संज्ञान में आया तो उन्होंने ट्वीट के जरिये बयान से हुए नुकसान की भरपाई की कोशिश की। उन्होंने ट्वीट कर भगत के बयान पर दु:ख जताया और व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगी। इंदिरा हृदयेश ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मेरे लिए अमर्यादित और अशिष्ट भाषा का प्रयोग किया है। इससे मुझे बहुत दुख और कष्ट हुआ है। किसी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष पूरी पार्टी का प्रतीक होता है और प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश अध्यक्ष अगर इस तरह की भाषा का प्रयोग करे तो यह उत्तराखंड नहीं पूरे देश में माताओं और बहनों का अपमान है। भारतीय संस्कृति का दावा करने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने जिस तरह से नारी शक्ति का अपमान किया है उसे देश, पहाड़ और उत्तराखंड की नारी बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदेश की सरकार, प्रधानमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसका संज्ञान लेना चाहिए और भगत से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करते हो तो अपनी भाषा सुधारो। भाषा जिनकी अशिष्ट होगी, नारियां उनके पास जाने से परहेज करेंगी। घर और बाहर की नारियां नाराज रहेंगी। इस तरह की भद्दी भाषा बोलने की अपेक्षा भाजपा नेतृत्व से नहीं करती हूं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मेरी मांग है कि इसे गंभीरता से लें और इसके लिए भगत से माफी मांगने को कहें।  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की नेता प्रतिपक्ष पर की गई टिप्पणी से कांग्रेस में रोष है। उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी भगत की टिप्पणी पर एतराज जताया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यह भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है।एक तरफ मातृशक्ति को नमन करने की बात की जाती है और दूसरी तरफ इस तरह से अमर्यादित टिप्पणी की जाती हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को कम से कम नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल का ध्यान तो रखना ही चाहिए। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को माफी मांगनी चाहिए। महामंत्री नवीन जोशी ने कहा कि इस टिप्पणी की निंदा की जानी चाहिए।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की ओर से नेता प्रतिपक्ष पर टिप्पणी करने से कांग्रेसियों का पारा चढ़ गया। कांग्रेसियों ने भगत का पुतला फूंका और नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भगत का बयान महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जब तक अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह व अन्य ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने डीजीपी अशोक कुमार को उनके खिलाफ शिकायत पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को धन्यवाद कहा है। उन्होंने लिखा है कि स्वस्थ्य होते ही नर्सिंग और विकलांगों को उपहार देना बहुत अच्छा लगा। थैंक्यू मुख्यमंत्रीजी। भगतजी की अमर्यादित टिप्पणी पर खेद जताकर मुख्यमंत्रीजी ने एक बहुत स्वागत योग, सूझ-बूझ का परिचय दिया है।


Sources:AmarUjala