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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

हेट स्पीच मामला : बिना किसी दबाव के होगी जांच : डीजीपी



हरिद्वार  : धर्म संसद में भड़काऊ भाषण मामले में उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि इस मामले की जांच अधिकारी बिना किसी दबाव के करेंगे। इस मामले में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जायेगी । फिलहाल मामले में विशेष जांच दल गठित कर दिया गया है। जांच के हर पहलू पर पुलिस मुख्यालय और रेंज कार्यालय से नजर रखी जा रही है।

आपको बता दें कि हरिद्वार में दिसंबर में धर्म संसद हुई थी। इसमें समुदाय विशेष के बारे में वहां मौजूद कुछ लोगों ने टिप्पणी की थी। जिसका एक वीडियो वायरल हुआ था उस विडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस बीच जब हरिद्वार पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो डीजीपी को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

पुलिस महानिदेशक  अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने वीडियो वायरल होने के तत्काल बाद ही मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए थे। इसके बाद हरिद्वार शहर कोतवाली में इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म में आए वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153;ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 


पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद मुकदमे में चार नामों को और जोड़ लिया है । इसके बाद जब एक और वीडियो वायरल ;इंस्पेक्टर के साथ हुआ तो ज्वालापुर कोतवाली में भी वसीम रिजवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। फौरी तौर पर इस मुकदमे की जांच भी कोतवाली पुलिस को ही ट्रांसफर कर दी गई थी लेकिन इस बीच डीआईजी रेंज को इसमें एक विशेष जांच दल गठित करने के आदेश दे दिए गए। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इस मामले में निर्देश दिए गए हैं कि पुलिस किसी के भी दबाव में न आए। ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। 


पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पुलिस मुख्यालय इस मामले में पूरी तरह से गंभीर है। हर पहलू को लेकर अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष जांच दल का पर्यवेक्षण एसपी देहात देहरादून करेंगी। इसके अलावा डीआईजी रेंज कार्यालय भी इसका पर्यवेक्षण करेगा। यही नहीं पुलिस मुख्यालय को भी हर दिन की कार्रवाई के बारे में अधिकारियों को जानकारी देनी होगी। विशेष जांच दल के लिए लिखित आदेश जारी हो गए हैं। अब हरिद्वार कोतवाली शहर के विवेचना अधिकारी को हटाकर विशेष जांच दल के अधिकारियों को बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है। डीआईजी रेंज करण सिंह नगल्याल ने बताया कि उन्होंने हरिद्वार पुलिस को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। 


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