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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

मेरठ: जमीन पर कब्जा लेने पहुंची पुलिस से भिड़े किसान,जेसीबी के आगे लेटीं महिलाएं

 


 मेरठ जिले के गूमी गांव के निकट बुधवार को साढ़े बारह बीघा जमीन पर कब्जा लेने पहुंची पुलिस और अफसरों को किसानों ने घेर लिया। अफसरों व किसानों की तीखी नोंकझोंक हुई। हाथापाई भी हुई। किसान जेसीबी पर चढ़ गए और महिलाएं आगे लेट गईं। कई घंटे हंगामा चला, जिसके बाद अफसर और पुलिस की टीम बैरंग लौट गई।कई साल पहले हवाई पट्टी के पास एमडीए ने वन विभाग से 12.5 बीघा जमीन ली थी। इसके एवज में दूसरी जगह जमीन देने के लिए वन विभाग से कहा था। बताया जा रहा है कि वन विभाग द्वारा एमडीए से जमीन की मांग की गई। इसके बाद, बुधवार को एमडीए और वन विभाग के अफसर जेसीबी लेकर गूमी गांव के समीप पहुंचे और जमीन पर जेसीबी चलवा दी।कार्रवाई के दौरान, किसान लाठी डंडे लेकर पहुंच गए। अफसरों से तीखी नोंकझोंक हुई। किसानों ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिखाते हुए दावा किया कि उक्त जमीन किसानों की है। मामला बिगड़ता देख अफसर और पुलिस बैरंग लौट गई। भाकियू नेता डा. अमरवीर सिंह, लक्ष्मण, सुभाष, मदनपाल, हीनू सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे। वहीं, प्राधिकरण सचिव चंद्रपाल तिवारी का कहना है कि एमडीए की कोई टीम कब्जा दिलाने नहीं गई थी।

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