सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

संयुक्त किसान मोर्चा का किसानआंदोलन खत्म, 11 दिसंबर से जाएंगे वापस, 15 दिसंबर को फिर होगी बैठक

 


 नयी दिल्ली /  केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से जारी किसान आंदोलन को समाप्त करने के लिए किसान संगठनों के बीच में आपसी सहमति बन गई है। आपको बता दें कि केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन कानूनों की वापसी के बाद भी समाप्त नहीं हुआ था।किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सरकार के समक्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून समेत कई मांगें रखी थी। जिसके बाद सरकार ने किसानों को एक प्रस्ताव भेजा था। सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए एसकेएम ने गुरुवार को बैठक की। इस बैठक के खत्म होने के बाद एसकेएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। किसान नेता ने बताया कि 11 दिसंबर से किसानों की वापसी होगी और 15 जनवरी को एसकेएम की फिर से बैठक होगी।किसान नेता ने कहा कि एसकेएम किसान आंदोलन को समाप्त करता है। किसानों ने एक साल तक संघर्ष किया है और यह आजादी के बाद का सबसे बड़ा और शांतिप्रिय आंदोलन था। किसान नेता ने आंदोलन समाप्त करने के साथ ही कहा कि एसकेएम हर महीने समीक्षा करेगी। किसान नेता ने कहा कि देश के तमाम लोग, जिनको हमारे आंदोलन से तकलीफ हुई है, उनसे हम माफी मांगते हैं।  एसकेएम के सूत्रों के अनुसार भेजे गए नए प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बनी समिति में सरकार एसकेएम के सदस्यों को शामिल करेगी और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की सरकारें किसानों के खिलाफ दर्ज मामले तुरंत प्रभाव से वापस लेने पर सहमत हो गई हैं। 

टिप्पणियाँ

Popular Post