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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

म्यांमार : चरम पर तानाशाही , सैनिकों ने 11 ग्रामीणों समेत पांच बच्चों को उतारा मौत के घाट, जिंदा जलाया

 


 लोकतंत्र समर्थकों को बंदूक के बल पर कुचल रही म्यांमार की सेना की तानाशाही बढ़ती ही जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार म्यांमार की सेना ने ग्रामीणों पर कहर बरपाया है। बताया जा रहा है कि  म्यांमार की सेना ने 11 ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी है और सबूत को मिटाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया। म्यांमार के उत्तर-पश्चिम के सगाइंग क्षेत्र के डॉन ताव गांव में जले हुए शवों की तस्वीरें और एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर फैल जाने के बाद घटना की जानकारी सामने आई। इस वीडियो फुटेज को पुरुषों को गोली मारने और जलाने के कुछ ही समय बाद लिया गया था, वहीं कुछ पीड़ित कथित तौर पर उस समय भी जीवित थे जब वीडियो बनाया जा रहा था। एक फरवरी के तख्तापलट के बाद से इस क्षेत्र में सैन्य शासन के विरोधियों द्वारा स्थापित जुंटा की सेना और मिलिशिया के बीच भयंकर लड़ाई देखी गई है।संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने 11 लोगों की भीषण हत्या की रिपोर्टों पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा,  विश्वसनीय रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मारे गए लोगों में पांच बच्चे भी शामिल थे।11 लोगों की मौत कैसे हुई, इस बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को यह जानकारी एक व्यक्ति द्वारा दिया गया जो कि घटनास्थल पर गया था। आमतौर पर स्वतंत्र म्यांमार मीडिया द्वारा की गई घटना के विवरण से मेल खाता था।



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