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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

यूपी: भाजपा विधायक खब्बू तिवारी की विधानसभा सदस्यता समाप्त, फर्जी अंक पत्र के सहारे अगली कक्षा में लिया था प्रवेश

 


 यूपी भाजपा के विधायक इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी को पांच साल की सजा होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई है। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि विधायक खब्बू तिवारी को सजा होने के कारण उनकी सदस्यता निरस्त की गई है।उन्हें फर्जी मार्क्सशीट के आधार पर अगली कक्षा में प्रवेश लेने के करीब 29 साल पुराने मामले में अक्तूबर 2021 में सजा सुनाई गई थी। घटना 1992 की है। साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर यदुवंश राम त्रिपाठी ने 18 फरवरी 1992 को इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू, फूलचंद यादव और कृपा निधान तिवारी के खिलाफ फर्जी मार्क्सशीट के आधार पर अगली कक्षा में प्रवेश लेने की एफआईआर रामजन्मभूमि थाने में लिखाई थी।मामले में विवेचना के बाद विवेचक ने सभी लोगों के खिलाफ 419, 420 समेत आईपीसी की अन्य धाराओं में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। निचली अदालत ने वर्ष 2018 में मामले को विचारण के लिए सेशन के सुपुर्द किया। इतने लंबे अंतराल के दौरान वादी प्रोफेसर यदुवंश राम त्रिपाठी की मौत हो गई। इसके अलावा मामले में अन्य गवाह भी मर गए। तब मामले में दूसरे गवाह प्रस्तुत किए गए थे।मामले में कोर्ट ने विधायक को पांच साल की सजा व 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। साकेतमहाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर यदुवंश राम त्रिपाठी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप था कि इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू (वर्तमान में गोसाईगंज से भाजपा विधायक) ने 1990 में बीएससी प्रथम वर्ष की मार्कशीट में कूट रचना करके बीएससी द्वितीय वर्ष में प्रवेश लिया था।



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