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इंटरनेट मीडिया से हो रहे चुनाव प्रचार में ग्रामीण भारत का एक बड़ा वर्ग अछूता

जैसा कि आपको मालूम है कि कोविड-19 की गाइडलाईन को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग ने वर्चुअल रैली और प्रचार प्रसार के निर्देश जारी किये थे। जैसा की आपको मालूम है कि इस वक्त देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैंऔर कोरोना की वजह से न तो रैलियां हो रही हैं और न ही रोड शो के जरिये राजनीतिक दल जनता के बीच अपना शक्ति प्रदर्शन ही कर पा रहे हैं।  लिहाजा सारा चुनाव प्रचार डिजिटल प्रारूप में ही सिमट कर रह गया है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की पाबंदी के कारण राजनीतिक दल और नेता इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिये जनता के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। इन्हीं मंचों पर अपनी प्रचार सामग्री को परोसकर पार्टियां चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए इस बार राजनीतिक पार्टियां लोकगीतों के रूप में अपने अपने प्रचार गीत बनवाकर  इंटरनेट मीडिया के मंचों पर उन्हें साझा करके जनता के दिलोदिमाग पर छा जाने को बेताब हैं। इस संग्राम में आगे निकल जाने की स्पर्धा लगभग सभी दलों में दिखाई दे रही है। ऐसे में यहां यह सवाल तैर रहा है कि लोकतंत्र के इस चुनावी त्योहार में क्या यह

उत्तराखंड: ग्रामीणों ने टिहरी-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम,

 


 कोटद्वार /  उत्तराखंड में इनदिनों कड़ाके के ठंड पड़ रही है। बावजूद इसके अपनी मांग को लेकर ग्रामीणों ने सुबह चार बजे से टिहरी-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-121) को जाम कर दिया है। यहां बीरोंखाल प्रखंड से बड़ी संख्या में महिलाएं पंचपुरी पुल पर धरना दे रही हैं। तो चलिए आपको बता दें कि ग्रामीणों की क्या मांग है।बीरोंखाल प्रखंड के अंतर्गत फरसाड़ी-गडकोट-सत्या नगर मोटर मार्ग के विस्तारीकरण और डामरीकरण की मांग को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों (छह गांवों के ग्रामीणों) ने सोमवार सुबह चार बजे से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-121 पर चक्का जाम कर दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं सड़क के विस्तारीकरण वह डामरीकरण की मांग को लेकर पंचपुरी पुल में धरने पर बैठ गई हैं।ग्रामीणों का कहना है कि फरसाड़ी से सत्यानगर तक करीब दो दशक पहले सड़क स्वीकृत हुई थी। इसमें से आज तक मात्र गढ़कोट तक ही सड़क बनाई गई है, जबकि गडकोट से सत्यानगर तक तीन किलोमीटर सड़क अभी नहीं बनी है। फरसाड़ी से गढ़कोट तक बनाई गई सड़क पर डामरीकरण भी नहीं किया गया है।क्षेत्रीय जनता की मांग पर क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने डामरीकरण का आश्वासन तो दिया, लेकिन महज 600 मीटर डामरीकरण के बाद कार्य रोक दिया गया। कहा कि जब तक गडकोट से सत्या नगर के लिए सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता व फरसाड़ी और गड़कोट के बीच सड़क में डामरीकरण कार्य शुरू नहीं होता ग्रामीण आंदोलन जारी रखेंगे।

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