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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

कानपुर : तेज हुआ जीका का हमला, एक दिन में 25 नए केस मिलने से मचा हड़कंप

 


कानपुर में जीका वायरस का हमला और तेज होता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 25 नए मामले सामने आ गए हैं। शहर में अब तक मिले जीका वायरस संक्रमितों की संख्‍या 36 हो गई है। लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। डीएम के आदेश पर नमूने लेने और जांच करने का काम काफी तेज कर दिया गया है। इसके पहले 11 जीका संक्रमित मिले थे। इनमें दो हेल्‍थ वर्कर के शामिल होने से स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की चिंता और बढ़ गई। बताया जा रहा है कि ये हेल्‍थ वर्कर कानपुर के सैकड़ों घरों तक पहुंचे थे। यह तय माना जा रहा है कि जीका वायरस का जाल शह में कई किलोमीटर तक फैल गया है। अभी तक परदेवनपुरवा तक ही संक्रमित मिल रहे थे लेकिन उसने अब पूरे चकेरी के साथ ही जीटी रोड और हाईवे किनारे बसे इलाकों को भी चपेट में ले लिया है।


 प्रशासन के निर्देश पर दोनों हेल्‍थ वर्कर की ट्रैवल हिस्ट्री बनाई जा रही है। इनके संपर्क में आए लोगों के भी नमूने लिए जाएंगे। उधर, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार फागिंग,  सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन और सैंपलिंग के काम में जुटी हैं। इसके तहत 209 घरों का सोर्स रिडक्शन और 1554 घरों का सर्विलांस किया गया। इस क्षेत्र में 5 टीमों  इनडोर फॉगिंग और 05 टीमों द्वारा आउटडोर फॉगिंग की जा रही है। टीम ने 1519 पात्रों को चेक कर 5 पात्रों को खाली कराया। सर्विलांस टीम ने 6393 व्यक्तियों से सम्पर्क किया। डीएम ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अपने घरों में साफ पानी को एकत्र न होने दें और मच्छरदानी का प्रयोग करें। नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहा कि क्षेत्र में सफाई कार्य सुनिश्चित कराया जाए और लगातार दवा का छिड़काव करें।


 पॉजिटिव आने वाले मरीज की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करते हुए सभी का सैंपल लिया जाए। डीएम ने बताया कि मंगलवार को 451 सैंपल लिए गए है।कानपुर में जीका वायरस का पहला मरीज 22 अक्‍टूबर को मिला था। अब ये आंकड़ा 36 तक पहुंच गया है। मरीजों को एयरफोर्स हॉस्पिटल और काशीराम में भर्ती कराया गया है। काशीराम हॉस्पिटल में जीका मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है। वार्ड में मच्‍छरदानी के अंदर मरीजों को रखा जा रहा है। जीका वायरस से निपटने के लिए प्रशासन लोगों से लगातार अपील कर रहा है कि अपने घरों में कभी भी पानी इक्‍ट्ठा न होने दें। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग का कहना है कि इस मामले में किसी को भी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। सभी मरीजों की स्थिति ठीक है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग का दावा है कि जनसामान्‍य की मदद से बहुत जल्‍द जीका वायरस पर काबू पा लिया जाएगा। 

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