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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

पाक के नापाक इरादे : अपने एयरस्पेस में क्यों नहीं दे रहा श्रीनगर-शारजाह फ्लाइट को इजाजत

 


 पाकिस्तान ऐसी एक भी कोशिश से नहीं चूकता जिससे भारत की मुश्किलें बढ़ती हों। एक बार फिर से खुद को बुरा पड़ोसी देश साबित करते हुए पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से यूएई के शारजाह के लिए सीधी उड़ान के लिए अपने वायुक्षेत्र का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि अब श्रीनगर से उड़ने वाले विमानों को उदयपुर, अहमदाबाद और ओमान होते हुए शारजाह जाना होगा, जो कि न सिर्फ ज्यादा समय लेगा बल्कि इसके लिए यात्रियों को ज्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ेंगे। 


पाकिस्तान के इस फैसले की जानकारी संबंधित मंत्रालयों को मिल गई है और फिलहाल नागरिक उड्डयन, विदेश और गृह मंत्रालय इसको देख रहे है पाकिस्तान ने अक्टूबर में शुरू हुई श्रीनगर-शारजाह विमान सेवा के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है।पाकिस्तान के इस फैसले की वजह से अब श्रीनगर से शारजाह के लिए जाने वाले विमान को एक घंटे का अतिरिक्त समय लगेगा, साथ ही इसका किराया भी बढ़ जाएगा। पाकिस्तान के इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, 'पाकिस्तान ने साल 2009-10 में भी ठीक ऐसा ही किया था जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की श्रीनगर से दुबई जाने वाली उड़ान के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने दिया था। 


मुझे उम्मीद थी कि Go First के विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से उड़ने की अनुमति दी जा रही है। यह दोनों देशों के ठंडे पड़े रिश्तों के लिए अच्छा संकेत था, लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हुआ।'बीती 23 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-श्रीनगर दौरे के वक्त इस हवाई सेवा की शुरुआत की थी। हालांकि, उस समय पाकिस्तान ने यह कहकर विवाद बढ़ाया कि उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से पहले भारत ने पाकिस्तानी प्रशासन से इजाजत नहीं ली। हालांकि, इसके बावजूद विमान का संचालन चालू था।बता दें कि भारत सरकार ने शारजाह और श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान को गो फर्स्ट के सहयोग से शुरू किया है। फिलहाल गो फर्स्ट श्रीनगर से शारजाह के बीच एक हफ्ते में चार फ्लाइटों का संचालन कर रही है। 

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