सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Featured Post

त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने के दिए निर्देश

    नई दिल्‍ली /   सुप्रीम कोर्ट त्रिपुरा में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में राज्य पुलिस की कथित मिली-भगत और निष्क्रियता के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने सरकारों को दो हफ्ते के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है।  अधिवक्ता ई. हाशमी की ओर से दाखिल याचिका पर अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पैरवी की। उन्‍होंने सर्वोच्‍च अदालत से कहा कि वे हालिया साम्प्रदायिक दंगों की स्वतंत्र जांच चाहते हैं। इस मामले में अब दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। भूषण ने कहा कि सर्वोच्‍च अदालत के समक्ष त्रिपुरा के कई मामले लंबित हैं। पत्रकारों पर यूएपीए के आरोप लगाए गए हैं। यही नहीं कुछ वकीलों को नोटिस भेजा गया है। पुलिस ने हिंसा के मामले में कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में अदालत की निगरानी में इसकी जांच एक स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की प्रति केंद्रीय एजेंसी और

केरल में नोरो वायरस के 13 मामलों से हड़कंप, कर्नाटक ने जारी किया अलर्ट

 


 बेंगलुरु /  देश में कोरोना के मामले धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। केरल में हालात अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाए हैं। इस बीच केरल में एक नए वायरस की दस्‍तक से हड़कंप मचा हुआ है। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक केरल में नोरोवायरस के 13 नए मामलों की पहचान हुई है। केरल में नोरोवायरस के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए कर्नाटक के सीमावर्ती जिलों कोडागु और दक्षिण कन्नड़ में अलर्ट जारी किया है। कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया जिसमें बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

केरल सरकार ने हालात को संभालने के लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी के रूप में विशेषज्ञ की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। यही नहीं जिला अस्‍पताल एवं परिवार कल्‍याण विभाग के अधिकारियों को भी काम पर लगाया गया है। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस वायरस का संक्रमण दूषित भोजन और पानी के जरिए फैल रहा है। इस वायरस से संक्रमित लोगों में उल्‍टी, दस्‍त, पेटदर्द, सर दर्द, बॉडी पेन और बुखास के लक्षण पाए जा रहे हैं।सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस वायरस की चपेट में आए लोगों को को अस्पताल में भर्ती कराना होगा। यदि वायरस से संक्रमित मरीजों की ओर से इसकी अनदेखी की गई तो यह घातक हो सकता है। 

सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पीने के पानी के स्रोतों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और उनका परीक्षण करने के लिए कहा गया है। संक्रमित मरीजों के इलाज की कोई सटीक पद्धति या दवा नहीं बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक लक्षणों के आधार पर रोगी का इलाज किया जा रहा है।मालूम हो कि अक्टूबर महीने के अंत में केरल के वायनाड जिले के पुकोडे इलाके में एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय के 13 छात्रों में इस दुर्लभ नोरो वायरस की पुष्टि हुई थी। केरल सरकार ने राज्य के लोगों को हाई अलर्ट पर रहने का आह्वान किया है। नोरो वायरस को 'विंटर वोमिटिंग बग' के रूप में भी जाना जाता है। यह वायरस अत्यधिक संक्रामक है और लोगों में आसानी से फैलता है। चिकित्‍सकों का कहना है कि यह रोग संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने, दूषित भोजन या दूषित सतह को छूने और बिना धुले हाथ का मुंह से संपर्क होने से फैलता है।

टिप्पणियाँ

Popular Post