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विपक्ष के हंगामे के बीच कृषि कानून वापसी बिल लोकसभा में पास, राकेश टिकट बोले- आंदोलन जारी रहेगा

  विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल पास हो गया। हालांकि कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में विधेयक पर चर्चा की मांग की। इससे पहले विपक्षी सांसदों के नारेबाजी के बीच लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि क़ानून निरसन विधेयक 2021 पेश किया। राज्यसभा में भी आज ही यह बिल पेश किया जाएगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले ही तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में इस बात की घोषणा की थी। उसके बाद इसे कैबिनेट की बैठक में भी मंजूरी मिल गई थी।   टिकैत का बयान वहीं, लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल के पास हो जाने के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक एमएसपी को लेकर हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन 700 किसानों की मृत्यु हुई उनको ही इस बिल के वापस होने का श्रेय जाता है। MSP भी एक बीमारी है। सरकार व्यापारियों को फसलों की लूट की छूट देना चाहती है। आंदोलन जारी रहेगा। टिकैत ने कहा कि तीन मामलों का समाधान हो गया है अभी 1 मामला बाकी है। 1

उत्तराखंड :आपदा में मरने वालों की संख्या पहुंची 69,गुम हुये लोगों की तलाश जारी

 


 बृहस्पतिवार को गढ़वाल में पांच और कुमाऊं में छह शव बरामद किए गए थे। इससे प्रदेश में मृतकों की संख्या 69 पहुंच गई। सरकारी आंकड़ों में मृतकों की संख्या 64 बताई गई है। छितकुल में मारे गए ट्रैकर इसमें शामिल नहीं हैं। प्रशासन का कहना है कि उनके शव अभी तक निकाले नहीं गए हैं। उत्तराखंड में कुदरती आपदा में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।  27 ट्रैकर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है। वहीं, कई जगहों पर फंसे पर्यटकों को भी निकालाने का काम जारी है।बारिश के कहर ने सड़कों की हालत बिगाड़ दी है। कुमाऊं मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में कुल 120 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ में 75, चंपावत में 28, अल्मोड़ा में 12, नैनीताल में चार और बागेश्वर में एक मोटर मार्ग पर यातायात ठप पड़ा हुआहै। बंद सड़कों में पहाड़ की दोनों लाइफ लाइन भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग, टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (बारहमासी सड़क) शामिल हैं।पहाड़ी जिलों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत शुरू हो गई है। बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत में पेट्रोल खत्म होने की सूचना चस्पा कर दी गई है। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों को कब्जे में ले लिया है। इसी तरह कुकिंग गैस, दूध आदि की आपूर्ति न होने से भी इन वस्तुओं के लिए भी मारामारी हो रही है।



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