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देहरादून: मिस फ्रेश फेस सब-टाइटल के लिए आकर्षक लुक में उतरीं मॉडल

  सिनमिट कम्युनिकेशंस की ओर से एस्ले-हॉल स्थित कमल ज्वेलर्स में मिस उत्तराखंड-2021 के फर्स्ट सब-टाइटल का आयोजन किया गया। इस मौके पर 27 मॉडल्स फ्रेश फेस की रेस में शामिल रहीं। हालांकि इसका अनाउंसमेंट ग्रैंड फिनाले वाले दिन ही किया जाएगा।मंगलवार को आयोजित मिस फ्रेश फेस सब-टाइटल को लेकर जजेज ने मॉडल्स को मार्क्स दिए। वहीं मॉडल्स भी फेस को बेहद आकर्षक बनाकर सामने आई। इस मौके पर देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, धारचूला आदि जगहों की प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। जजेस में मिस ब्यूटीफुल आइज-2019 प्रीति रावत, डायरेक्टर कमल ज्वेलर्स और मिस फैशन दिवा-2019 बबीता बिष्ट शामिल रहीं। इस मौके पर आयोजक दिलीप सिंधी ने बताया कि इन मॉडल्स के कॉन्फिडेन्स को बढ़ाने के लिए अब ग्रूमिंग क्लासेज शुरू हो गयी है। जिसमें ड्रेस, मेकअप से लेकर उनकी कम्युनिकेशन स्किल्स राउंड को निखारा जा रहा है।बताया कि आयोजन का ग्रैंड फिनाले दिसंबर में होगा। आयोजक राजीव मित्तल ने बताया कि पिछले साल कोरोना की वजह से आयोजन पर ब्रेक लग गया था। बताया कि अलग-अलग राउंड के बाद इसका ग्रैंड फिनाले होगा। इस मौके पर

दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंककर्मी हड़ताल पर

   



दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में नौ यूनियनों के संयुक्त फोरम दो दिन हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसका असर राजधानी देहरादून सहित उत्तराखंड के अन्य इलाकों में भी देखने को मिला। कहीं-कहीं तो बैंक के साथ ही एटीएम भी बंद नजर आए।सोमवार और मंगलवार को बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। विभिन्न संगठनों ने हड़ताल को समर्थन देने का फैसला किया है। इसी क्रम में सोमवार को बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के संयोजक समदर्शी बड़थ्वाल ने बताया कि सरकार के दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के फैसले से बैंक कर्मचारियों में आक्रोश है। बताया कि सोमवार सुबह विभिन्न बैंककर्मी गांधी पार्क के गेट पर एकत्र हुए और शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए रैली निकाली।बैंक कर्मियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने फैसले को जल्द वापस नहीं लिया तो बैंककर्मी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उधर, बैंककर्मियों की हड़ताल को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन ने समर्थन देने की बात कही हैं। संगठन के महासचिव भुवनेंद्र बिष्ट ने कहा कि लंबे समय से बैंककर्मियों की मांगों को सरकार अनदेखा कर रही है।


इसलिए की गई  है हड़ताल की घोषणा


बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक यूनियनों ने 15 और 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। फोरम ने सरकारी क्षेत्र के दो बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में यह हड़ताल बुलाई है।


पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ


इस साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का ऐलान किया था। केंद्र सरकार साल 2019 में पहले ही एलआईसी में आईडीबीआई बैंक का अधिकांश हिस्सा बेच चुकी है। इसके साथ ही पिछले चार सालों में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय हुआ है। 


यूएफबीयू में ये यूनियन शामिल हैं


यूएफबीयू के सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसिशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक एम्प्लॉयज कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) शामिल हैं।इसके अलावा इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयज फेडरेशन (आईएनबीईएफ), इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी), नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (एनओबीओ) शामिल हैं।


Sources:AmarUjala


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