महिला कांग्रेस नेता लतिका सुभाष ने टिकट न मिलने पर कराया मुंडन

  

तिरुवनंतपुरम / चुनाव में टिकट न मिलने से दुखी होकर महिला कांग्रेस की केरल इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने और सिर मुंडवाने के बाद लतिका सुभाष ने सोमवार को कहा कि वह अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में सोमवार शाम तक ‘‘निर्णायक फैसला’’ ले लेंगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इस प्रकार की अटकलें लग रही हैं कि वह विधानसभा चुनाव में अपने गृहनगर एत्तूमनूर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़ी होंगी। सुभाष ने कहा, ‘‘मैं आज शाम तक अपने भविष्य के बारे में निर्णायक फैसला कर लूंगी। मैं अपने समर्थकों एवं शुभचिंतकों के साथ इस पर चर्चा कर रही हूं। मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकती।’’

सुभाष के निकट सूत्रों ने बताया कि वह एत्तूमनूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे सकती हैं। इस सीट से वह आगामी चुनाव में पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छुक थीं। वह पहले ही कह चुकी हैं कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने सोमवार को यह स्पष्ट किया कि इस समय सुभाष के साथ कोई बातचीत करने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें सीट मिलनी चाहिए, लेकिन सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन से बचा जाना चाहिए था। केरल में कांग्रेस को तब अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा था, जब सुभाष ने एत्तूमनूर सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद रविवार को कांग्रेस की केरल इकाई की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। सुभाष ने राज्य में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची नयी दिल्ली में जारी होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वरिष्ठ नेता सुभाष (56) ने टिकट नहीं मिलने पर विरोध जताने के लिए यहां पार्टी कार्यालय के सामने बैठकर अपने सिर के बाल भी मुंडवा लिये।केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन द्वारा उम्मीदवारों की सूची की नयी दिल्ली में घोषणा करने के तुरंत बाद सुभाष ने यहां पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में संवाददाताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची में महिला उम्मीदवार कम हैं। कांग्रेस द्वारा जारी 86 उम्मीदवारों की सूची में केवल 10 महिलाएं हैं। सुभाष ने रोते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी में उन सभी महिलाओं की ओर से विरोध के प्रतीक के रूप में अपने सिर के बाल मुंडाये हैं, जो अन्य उम्मीदवारों की सफलता के लिए कड़ी मेहनत करती रही हैं और उन्हें वर्षों तक नेतृत्व द्वारा दरकिनार और नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे पद पर नहीं रहना चाहतीं, जो उन्हें एक चुनाव टिकट भी नहीं दिला सके। मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने उनके इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्हें दरकिनार किया गया है।


Sources:Agency News