रामजन्मभूमि के गर्भगृह पहुंचा पूजित कलश

 




अयोध्या/रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का 71 वां प्राकट्योत्सव पौष शुक्ल तृतीया तदनुसार 29 दिसम्बर रविवार को मनाया जाएगा। इससे पहले नौ दिवसीय अनुष्ठान का शुभारम्भ क्षीरेश्वर महादेव मंदिर में कलश स्थापना के साथ 21 दिसम्बर को ही शुरु हो गया था। यही पूजित कलश अनुष्ठान के सातवें दिन पुलिस प्रशासन की देखरेख में शुक्रवार को रामजन्मभूमि ले जाया गया। रामजन्मभूमि सेवा समिति के पदाधिकारियों ने अधिग्रहीत परिसर के अधिकारियों की मौजूदगी में रामलला के पुजारी को पूजित कलश के साथ रामलला का चित्रपट व भोग के लिए प्रसाद एवं फलादि सौंपा।रंगमहल बैरियर के क्रासिंग टू पर सी.ओ अयोध्या अमर सिंह की मौजूदगी में पुजारी संतोष कुमार तिवारी ने पूजित कलश व चित्रपट समेत पूजन सामाग्री को प्राप्त कर गर्भगृह में ले गये और पूजा.अर्चना के बाद प्रसाद वापस लाकर पदाधिकारियों के सुपुर्द किया। इस बीच पदाधिककारियों ने परिसर मे जाकर रामलला का दर्शन किया। मालूम हो कि पुनः पूजित कलश व चित्रपट को पदाधिकारीगण रविवार को मुख्य उत्सव के दिन रामजन्मभूमि आकर पुजारी वापस लेंगे। इसके बाद अनुष्ठान की पूर्णाहुति के साथ कलश विसर्जन किया जाएगा। इससे पहले पूरे में शोभायात्रा निकाली जाएगी।आपको बता दें कि 1994 में अधिग्रहीत परिसर में धार्मिक गतिविधियों पर लगी रोक के बाद से परिसर के रिसीवर की ओर से अंतिम दो दिनों में ही पूजन की अनुमति दी जाती है। इसके पूर्व 22-24 दिसम्बर 1949 में रामलला के प्राकट्य का उत्सव हर साल हिन्दी तिथि से मनाया जाता रहा और नौ दिवसीय अनुष्ठान का यह आयोजन गर्भगृह में ही होता था। इस बीच सेवा समिति के महामंत्री राम प्रसाद मिश्र ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आयोजित पहले प्राकट्योत्सव को पूरी भव्यता से मनाने काण्निर्णय लिया गया है। समिति के मंत्री संजय शुक्ला ने बताया कि उत्सव की तैयारियां की जा रही है। शोभायात्रा में हाथी.घोड़े के साथ रामनगरी के संत.महंत व गणमान्य नगरवाही भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष महंत रामचरित्र दास, भाजपा के वरिष्ठ नेता हरिशंकर सिंह व शक्ति सिंह के अतिरिक्त समिति के मंत्री पराग मिश्र, लालजी मिश्र सहित व अन्य शामिल रहे।


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