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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

पांच साल के दौरान 4177 लोगों को भारतीय नागरिकता दी गई : सरकार

 


 नयी दिल्ली /  केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि वर्ष 2016 से 2020 के दौरान कुल 4177 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है जबकि नागरिकता के लिए 10,635 आवेदन फिलहाल लंबित हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। वर्ष 2016 से 2020 के दौरान भारतीय नागरिकता प्रदान किए जाने वाले लोगों का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 2016 में 1106, 2017 में 817, 2018 में 628, 2019 में 987 और 2020 में 639 व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है। इस अवधि में अब तक 4177 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है।’’वर्ष 2021 के कितने लोगों को भारतीय नागरिकता दी गई, इसका केंद्रीय मंत्री ने कोई ब्योरा नहीं दिया। भारतीय नागरिकता संबंधी लंबित आवेदनों के बारे में पूछे जाने पर राय ने कहा कि 14 दिसंबर, 2021 की स्थिति के अनुसार कुल 10, 635 आवेदन अभी लंबित हैं। उनके मुताबिक सबसे अधिक 7306 आवेदन पाकिस्तान के लंबित हैं। इसके बाद अफगानिस्तान के 1152 आवेदन लंबित है।428 आवेदन ऐसे लोगों के हैं जो राज्यविहिन हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में राय ने कहा कि वर्ष 2018 से 2021 के दौरान पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से हिंदू, सिख, जैन और ईसाई अल्पसंख्यक समूहों से नागरिकता हेतु कुल 8244 आवेदन प्राप्त हुए और इनमें से 3117 व्यक्तियों को भारत में नागरिकता प्रदान की गई है।

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