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अखिलेश ने बना रखा है पिता मुलायम को बंधक: प्रमोद गुप्ता

यू.पी में जैसे ही विधानसभा चुनाव का वक्त नजदीक आता जा रहा है दल-बदल का खेल भी चरम पर है । आपको बता दें कि बिधूना विधानसभा से विधायक विनय शाक्य और उनके भाई के सपा में शामिल होने के बाद से सियासी पारा और गर्म हो गया है।इसी क्रम में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साढ़ू प्रमोद गुप्ता उर्फ एलएस भी पाला बदलने का ऐलान कर चुके हैं। जैसा की खबर है कि वह भाजपा में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच चुके हैं। उनके भाजपा में जाने के बाद बिधूना की सियासत में एक बार फिर से उलट फेर के आसार दिख रहे हैं। माना ये जा रहा है कि सपा से प्रमोद प्रबल दावेदार थे लेकिन विनय व उनके समर्थकों के शामिल से होने से चुनावी गणित गड़बड़ा गई। वहीं कुछ लोग इसे प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल द्वारा टिकट बंटवारे को लेकर अंदर खाने मची रार का असर बता रहे हैं। आपको मालूम हो बिधूना विधान सभा में प्रमोद गुप्ता एलएस पिछड़ी जाति पर अच्छी पकड़ रखते हैं। मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता ;अब साधना यादवद्ध के बहनोई हैं और मुलायम सिंह के साढू। वह एक बार टिकट न मिलने पर निर्दलीय नगर पंचायत का चुनाव लड़े और जीते थे। इसके बाद 2012 में सपा ने प

अमेरिका के साथ टकराव से नहीं डरता चीन

  


चीन और अमेरिका के बीत बातचीत के कई प्रय़ास हो चुके हैं लेकिन दोनों देशों के बीच दशकों पुराने तनाव से रिश्तों की बर्फ पिघलती नहीं दिख रही है। नौबत यहां तक आ गई कि बौखलाहट में चीन ने अमेरिका से टकराव होने की स्थिति में अंत तक लड़ने की बात कह डाली। चीन के विदेश में मंत्री वांग यी ने एक भाषण में कहा कि चीन संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ टकराव से नहीं डरेगा और अंत तक लड़ेगा। सरकार की वेबसाइट के एक पोस्ट के अनुसार चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि बीजिंग वाशिंगटन के साथ सहयोग का स्वागत करेगा, जब तक कि यह पारस्परिक रूप से लाभप्रद है।कोरोना महामारी, व्यापार और मानवाधिकार, ताइवान और शिनजियांग जैसे मुद्दों को लेकर अमेरिका की तरफ से लगातार बीजिंग पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की गई। दोनों देशों के बीच संबंध कई तरह की असहमति के स्तर पर हैं। पिछले साल वांग ने कहा कि 1979 में औपचारिक राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से द्विपक्षीय संबंधों की उनकी सबसे खराब स्थिति की निंदा करने के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया गया था। इससे पहले चीन ने अमेरिकी सरकार के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के चार सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। बीजिंग ने देश के उत्तर-पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर चीनी अधिकारियों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में यह कदम उठाया है। ये कदम शिनजियांग मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाते हैं। वाशिंगटन ने संबंधित क्षेत्र से आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि उसका मानना है कि आयात की जाने वाली चीजें-हो सकता है कि लोगों से जबरन मजदूरी कराकर तैयार की गई हों। 

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