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पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत नहीं लड़ेंगे चुनाव

 देहरादून : बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। जानकारी के मुताबिक उन्‍होंने भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर यह इच्‍छा जाहिर की है। उन्‍होंने कहा कि धामी के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए काम करना चाहता हूं।  जेपी नडडा को लिखे पत्र में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर देने के लिए आभार भी व्‍य‍क्‍त किया है। साथ ही ये भी कहा है कि प्रदेश में युवा नेतृत्‍व वाली सरकार अच्‍छा काम कर रही है। उन्‍होंने कहा, बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध स्‍वीकार कर लिया जाए। आपको बता दें कि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्र में लिखा कि मान्‍यवार पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया यह मेरा परम सौभाग्‍य था। मैंने भी कोशिश की कि पवित्रता के साथ राज्‍य वासियों की एकभाव से सेवा करुं व पार्टी के संतुलित विकास की अवधारणा को पुष्‍ट करूं। प्रधानमंत्री जी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मु

उत्तराखंड-यूपी राज्यों के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे की कवायद शुरू

  


उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे की कवायद शुरू हो गई है। यूपी के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने परिसंपत्तियों के लंबित मसलों के समाधान को लेकर लिए गए फैसलों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।पिछले महीने 11 नवंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच संयुक्त बैठक में परिसंपत्तियों के लंबित मसलों पर सहमति बनी थी और इनके हल के लिए निर्णय ले लिए गए थे। लेकिन संयुक्त बैठक में लिए गए निर्णयों के कार्यवृत्त जारी होने में एक महीने से भी अधिक का समय लग गया।बहरहाल, यूपी सरकार ने दोनों राज्यों के परिसंपत्तियों के विभाजन से संबंधित लंबित प्रकरणों पर हुई बैठक में लिए गए निर्णयों का कार्यवृत्त जारी कर दिया है।कार्यवृत्त के निर्णयों के मुताबिक, उत्तरप्रदेश सिंचाई विभाग की हरिद्वार स्थित जमीन कुंभ मेले व अन्य प्रायोजन के लिए सहजता से मिल सकेगी और यूएसनगर के जलाशयों और हरिद्वार में गंग नहर में वाटर स्पोर्ट्स को अनुमति मिलेगी और इसके तत्काल आदेश जारी होंगे।हरिद्वार में 697.576 हेक्टेयर यूपी सिंचाई विभाग की भूमि व भवनों का आकलन करने के लिए दोनों विभागों के अधिकारी संयुक्त सर्वे कर 15 दिन में निर्णय लेंगे। भूमि का स्वामित्व यूपी के पास रहेगा और भविष्य में कुंभ मेला व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अनुमति दी जाएगी। यूएस नगर में 20 व हरिद्वार में चार नहरों को उत्तराखंड राज्य को देने का आदेश फरवरी में ही हो चुका है। यूएस नगर में धौरा, बैगुल, नानक सागर जलाशय में पर्यटन व जल क्रीड़ा व हरिद्वार में पुरानी ऊपरी गंग नगर में वाटर स्पोर्ट्स की अनुमति के तत्काल आदेश जारी होंगे। किच्छा में यूपी सिंचाई विभाग की भूमि पर बस स्टैंड को लेकर कोई न्यायिक वाद नहीं। यूपी सिंचाई विभाग बिजली के बिल का बकाया 57.87 करोड़ के सापेक्ष 37 करोड़ सर चार्ज घटाकर 20 करोड़ या वास्तविक भुगतान करेगा।


1. परिवहन निगम मुख्यालय और इससे संबंधित अन्य इकाइयों की भूमि व भवन को लेकर 205.42 करोड़ की धनराशि देने का निर्णय हुआ। उत्तराखंड राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को 105.42 करोड़ रुपये यूपी को देने हैं। उसे समायोजित करते हुए यूपी रोडवेज 100 करोड़ रुपये उत्तराखंड रोडवेज को देगा।

 2. यूपी आवास एवं विकास परिषद की उत्तराखंड राज्य में मौजूद संपत्तियों के निपटारे से प्राप्त आय के लिए संयुक्त स्क्रो एकाउंट खोला जाएगा। इस आय को बराबर बांटा जाएगा। संपत्तियों को लेकर किसी भी न्यायालय में चल रहे वाद का खर्च समान रूप से स्क्रो एकाउंट से वहन किया जाएगा। 

3. हरिद्वार में इसी महीने उत्तरप्रदेश के नए भागीरथी पर्यटक आवास गृह के लोकार्पण के समय पुराना अलकनंदा पर्यटक आवास गृह उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित किया जाएगा।

4. बनबसा बैराज के पुनर्निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर यूपी सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।

5. दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री अन्य मामलों को परस्पर सहमति के आधार निपटाएंगे और उनमें विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों को वापस लेंगे।



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