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नए वेरिएंट फैलने की आशंका : आश्रमों और गेस्ट हाउस में भी देना होगा अब कोरोना जांच का प्रमाणपत्र

  मथुरा / उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में वृन्दावन शहर में दस विदेशी एवं एक देशी नागरिक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी गेस्ट हाउसों एवं आश्रमों को कहा है कि वे अपने आने वाले हर देशी-विदेशी मेहमान का पूरा ब्योरा रखें और उनके पास कोरोना जांच का नेगेटिव प्रमाण पत्र होने के बाद ही उन्हें अपने यहां ठहराएं। गौरतलब है कि लंबे समय तक कोरोना वायरस का मामला नहीं आने के बाद बरती गई लापरवाही के बाद अब फिर से कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला चल पड़ा है। वृन्दावन में पिछले सप्ताह से अब तक दस विदेशी एवं एक उड़ीसा की भारतीय नागरिक संक्रमित पाई जा चुकी है। तीन विदेशी जिला स्तर पर कोई सूचना दिए बिना यहां से लौट भी चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि गेस्ट हाउस एवं आश्रम बाहर से आने वाले व्यक्तियों के रुकने से पूर्व उनके कोविड वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र एवं कोविड-19 जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ही उन्हें ठहराएं तथा ऐसा नहीं होने पर वे तत्काल स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष को रिपोर्ट करें। उनके अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। न

मध्य प्रदेश: पुलिस कमिश्नर सिस्टम पर मंडराये संकट के बादल ,विरोध में उतरे अफसर वकील

 


 मध्य प्रदेश में 40 साल से पुलिस कमिश्नर सिस्टम के प्रस्ताव का इस बार फिर विरोध शुरू हो गया है। अभी भारतीय प्रशासनिक सेवा संघ ने अभी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी बनाकर रखी है लेकिन राज्य प्रशानिक सेवा और राजस्व अधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। मप्र राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए समय मांगा है। वहीं वकीलों के संघ ने भी इस फैसले के खिलाफ अपनी बात रखना चाही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर शहरों में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का ऐलान किया था। अभी इसका प्रारूप तैयार हो रहा है लेकिन इसके लागू होने के पहले एकबार फिर प्रशासनिक अधिकारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ, मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी (कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ और राजस्व अधिवक्ता प्रकोष्ठ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ की महासचिव मल्लिका निगम नागर ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि प्रदेश में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू किए जाने की घोषणा की गई है लेकिन इसे लागू करने के पहले वे अपना पक्ष रखना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा के लिए समय मांगा है। मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी के प्रांतीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का सीधा असर जनता पर पड़ेगा। इसलिए इस पर फैसला लेने के पहले मंत्रिमंडलीय समूह, सचिव स्तरीय समूह, अधिवक्ता परिषद, जन प्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों से चर्चा की जाना उचित होगा। इस तरह एक पक्षीय निर्मय लिया जाना न्यायसंगत नहीं होगा। इसी तरह राजस्व अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष धर्मेंद्र वाधवानी ने भी विभिन्न स्तर पर चर्चा के बाद ही पुलिस आयुक्त प्रणाली को लागू किए जाने की मांग रखी है। 

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