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सरकार से बातचीत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने बनाई 5 लोगों की कमेटी, टिकैत बोले- हम कहीं नहीं जा रहे

  कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद आज संयुक्त किसान मोर्चा के अहम बैठक हुई। इस बैठक में आंदोलन संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही 5 लोगों की कमेटी बनाई गई है जो सरकार से एमएसपी और किसानों से केस वापसी जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगी। अब संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 7 दिसंबर को होगी। बैठक के बाद राकेश टिकैत ने बताया कि 5 लोगों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी सरकार से सभी मामलों पर बातचीत करेगी। अगली मीटिंग संयुक्त किसान मोर्चा की यहीं पर 7 तारीख को 11-12 बजे होगी। इस 5 लोगों की कमेटी में युद्धवीर सिंह, शिवकुमार कक्का, बलबीर राजेवाल, अशोक धवाले और गुरनाम सिंह चढुनी के नाम पर सहमति बनी है। बताया जा रहा है कि यह संयुक्त किसान मोर्चा की यह हेड कमेटी होगी जो किसानों से जुड़े मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसले लेगी। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बातचीत के लिए किसानों को नहीं बुलाया गया है। लेकिन जब भी सरकार की ओर से किसानों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा, यह 5 लोग ही जाएंगे। राकेश टिकैत की ओर से फिर दोहराया गया कि आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं होगा। उन

कोविड नियमों का उल्लंघन : दिल्ली में 19 अप्रैल से 8 नवंबर तक 3.15 लाख लोगों पर जुर्माना

 



राजधानी दिल्ली में इस साल कोविड-19 संबंधी नियमों के उल्लंघन के लिए 19 अप्रैल से 8 नवंबर के बीच 3.15 लाख से अधिक लोगों पर जुर्माना लगाया गया है, जिनमें से सबसे अधिक मामले मास्क नहीं पहनने से संबंधित थे।दिल्ली पुलिस द्वारा शेयर किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान इस तरह के उल्लंघन के लिए 3,15,772 चालान किए गए। आंकड़ों से पता चला है कि 2,79,198 लोगों पर मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना लगाया गया, इसके बाद 30,379 लोगों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं करने और 3,046 लोगों पर सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान और तंबाकू के सेवन के लिए जुर्माना लगाया गया।आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के लिए 1,685 और बड़ी सार्वजनिक सभाओं के आयोजन के लिए 1,464 चालान किए गए।कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर अप्रैल में दिल्ली में लॉकडाउन लगाया गया था। सरकार ने चरणबद्ध तरीके से 'अनलॉक' प्रक्रिया शुरू की थी और 31 मई से निर्माण और उत्पादन गतिविधियों की अनुमति दी गई थी। बाद के हफ्तों में, बाजारों, मॉल, मेट्रो ट्रेनों, रेस्तरां और बार और कई अन्य गतिविधियों की अनुमति दी गई।

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