कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुये एम्स ऋषिकेश में ओपीडी सेवाएं बंद

   


कोविड-19 के तेजी से बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश ने सोमवार को ओपीडी सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया है।एम्स में मरीजों की सुविधा के लिए संस्थान की ओर से टेलिमेडिसिन सेवाएं शुरू की गई हैं। यह जानकारी एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने दी है। अब सभी सामान्य रोगों से ग्रसित मरीज टेलिमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से संबंधित चिकित्सकों से जरुरी परामर्श ले सकेंगे। इसके साथ ही कोविड संक्रमण से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिए एम्स अस्पताल प्रशासन ने 300 से अधिक बेड आरक्षित किए हैं। बताया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या 500 तक की जाएगी।

एम्स ऋषिकेश और निजी लैब में भेजे गए हैं सैंपल

वहीं दून मेडिकल कॉलेज की लैब में जांच ठप होने के बाद कोरोनेशन अस्पताल समेत देहरादून के अन्य जगहों से लिए गए सैंपल को जांच के लिए एम्स और निजी लैब में भेजे गए हैं। देहरादून में कोरोना का सितम: सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन और दवाएं तो हैं, पर बेड नहीं उधर, दून अस्पताल में कोरोना जांच न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कोरोनेशन और अन्य निजी लैब में कोरोना जांच कराने वालों की भीड़ देखने को मिल रही है।

देहरादून की दो प्रमुख निजी लैब में जांच पहले ही ठप

समय पर कोरोना जांच रिपोर्ट उपलब्ध न कराने के चलते शहर की दो प्रमुख निजी लैब में जांच पहले ही ठप है। दोनों ही लैब की ओर से घर जाकर लोगों को सैंपलिंग जांच की सुविधा दी जाती थी। ऐसे में घर पर सैंपलिंग की सुविधा लेने वाले लोगों को भी जांच के लिए जांच केंद्रों पर आना पड़ रहा है।