इधर रिन्यूएबल ऊर्जा वित्तपोषण में गिरावट भारी, उधर कोयला बिजली का वित्तपोषण जारी

 Climate कहानी

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ताज़ा शोध नतीजे बताते हैं कि जहाँ एक और वैश्विक स्तर पर कोयला खादानों और कोयला बिजली परियोजनाओं के वित्तपोषण में लगातार भारी बढ़त हो रही है वहीँ रिन्युब्ल ऊर्जा से जुड़े ऋण और वित्तपोषण में लगातार गिरावट हो रही है।

दुनिया की इस अग्रिणी यूनिवर्सिटी के सस्टेनेबल फाइनेंस प्रोग्राम के एक नए अध्ययन से पता चलता है कि कैसे, 2007-2010 और 2017-2020 की तुलना करकेकोयला खानों और कोयला बिजली संयंत्रों के लिए वित्त की लागत पिछले एक दशक में क्रमश: 54% और 38% बढ़ी है।

2000-2010 और 2011-2020 की तुलना करकेउत्तरी अमेरिका, भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में कोयला बिजली के लिए ऋण में क्रमशः 47%, 63% और 63% की वृद्धि हुई है। दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण पूर्व एशिया और भारत में ऋण की मात्रा तेज़ी से बढ़ी हैजबकि उत्तरी अमेरिका में यह 14 बिलियन डॉलर से घटकर 8 बिलियन डॉलर हो गई है।

साथ ही - सौर और पवन के लिए वित्त की लागत में काफ़ी गिरावट आई है। जब 2007-10 की तुलना 2017-20 से करें तो रिन्यूएबल्स के ऋणों के फैलाव में औसतन ऑनशोर विंड (तटवर्ती  पवन) में 12% की गिरावट हुई है और ऑफशोर विंड (अपतटीय पवन) में 24% की गिरावट हुई है। 2015 के बाद इसमें तेज़ी आयी है क्योंकि रिन्यूएबल्स तैनाती में वृद्धि के साथसौर पीवीऑनशोर विंडऔर ऑफशोर विंड वित्त की लागत 20%15% और 33% (2010-14 की 2015-20 से तुलना में) कम  हुई है।

यह शोध बताता है कि जब 2007-10 की  2017-20 से तुलना करें तो रिन्यूएबल्स के ऋणों के प्रसार  में ऑनशोर विंड (तटवर्ती पवन) में औसतन 12% की गिरावट हुई है और ऑफशोर विंड (अपतटीय पवन) में 24% की गिरावट हुई है। 2015 के बाद इसमें तेज़ी आयी है क्योंकि रिन्यूएबल्स तैनाती में वृद्धि के साथसौर पीवीऑनशोर विंडऔर ऑफशोर विंड वित्त की लागत 20%, 15% और 33% (2010-14 की 2015-20 से तुलना में) कम  हुई है। हम क्षेत्रीय अंतर भी देखते हैं। इस अवधि मेंयूरोप में अपतटीय पवन के वित्तपोषण की लागत में 39% की कमी आईऑस्ट्रेलियाउत्तरी अमेरिका और यूरोप में तटवर्ती पवन के लिए 41%, 14%, और 11% की कटौतीऔर उत्तरी अमेरिका और यूरोप में सौर पीवी के लिए 32% और 27% की कटौती।

रिन्यूएबल्स के विपरीत, 2007-10 की 2017-20 से तुलना मेंकोयला बिजली स्टेशनों और कोयला खानों के ऋण प्रसार  में क्रमशः 38% और 54% की तेज़ी से वृद्धि हुई है। यह प्रवृत्ति 2000-10 की 2011-20 के साथ तुलना किये जाने पर भी बनी हैजिसमें ऋण प्रसार  क्रमशः 56% और 65% बढ़ा है। हमने पता किया है कि विकसित देशों में कोयला खदानों के लिए वित्तपोषण की लागत में सबसे अधिक वृद्धि हुई हैजब 2000-10 के साथ 2011-20 की तुलना की जाये तो उत्तरी अमेरिका में 80%, यूरोप में 134% और ऑस्ट्रेलिया में 71% की वृद्धि के साथ ऋण प्रसार ।

पर तेल और गैस मेंवित्त पोषण की लागत में परिवर्तन बहुत ज़्यादा मिश्रित हैं और कई मामलों में पिछले दशक से कम हो गए हैं। उदाहरण के लिएजबकि गैस से चलने वाले बिजलीघरों के लिए ऋण प्रसार  2000-10 से 2011-20 के बीच 68% बढ़ गयापिछले एक दशक में सिर्फ 7% की वृद्धि हुईजबकि कोयला बिजली में 38% की वृद्धि हुई (2007-10 के साथ 2017-20 की तुलना में) 20)। सभी क्षेत्रों में बड़े अंतर रहे हैं: 2000-10 के साथ 2011-20 की तुलना करते समयगैस-आधारित बिजली ने आसियान (ASEAN) में ऋण प्रसार में 23% की कमी देखीलेकिन उत्तरी अमेरिका में 16% की वृद्धि हुई। लेकिन पिछले एक दशक मेंउत्तरी अमेरिका में गैस आधारित बिजली के लिए ऋण प्रसार में 28% की कमी आई है (2007-10 के साथ 2017-10 की तुलना में)।

तेल और गैस उत्पादन के मामले मेंजबके अगर 2000-10 की तुलना 2011-20 से करें तो वित्त पोषण की लागत और बदतर  हो गई हैपर पिछले एक दशक में ऋण प्रसार काफी हद तक स्थिर रहा हैतेल और गैस के उत्पादन में सिर्फ 3% की वृद्धि हुई है। वास्तव मेंइस अवधि में कुछ उप-क्षेत्रों के लिए ऋण प्रसार गिर गयाजैसे कि अपतटीय तेल के लिए -41%। इससे पता चलता है कि तेल और गैस पर वित्तीय बाधाओं का असर उस तरीक़े से नहीं हुआ है जैसे कोयले पर हुआ है

ऑक्सफोर्ड सस्टेनेबल फाइनेंस प्रोग्राम के सह-लेखक एवं निदेशक और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में  सस्टेनेबल फाइनेंस के लोम्बार्ड ओडियर एसोसिएट प्रोफेसरडॉ। बेन कैल्डकौट ने कहा, “रिन्यूएबल्स की लागत के लिए यह अच्छी खबर हैक्योंकि वित्तपोषण लागत कुल लागत का एक प्रमुख निर्धारक है।  रिन्यूएबल्स के लिए गिरते ऋण प्रसार का मतलब है कि टैक्सपेयर्स और रेटपेयर्स (करदाताओं और खरीदारों) के लिए ये परियोजनाएँ और भी सस्ती हो जाएंगीजो तेज़ी से डीकार्बोनआइज़ होते ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक अच्छी बात है। 

ऑक्सफोर्ड सस्टेनेबल फाइनेंस प्रोग्राम में सस्टेनेबल इनवेस्टमेंट परफॉर्मेंस के लिए लीड और प्रमुख लेखकडॉ। श्याओयान ज़ाऊने कहा, "अगर ये देखे गए चलन जारी रहे और हम तेल और गैस के लिए पूंजी की लागत कोयले के रास्ते जाती देखते हैंतो इसके दुनिया भर में तेल और गैस परियोजनाओं के अर्थशास्त्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं। यह फंसी हुई संपत्ति में परिणाम कर सकता है और पर्याप्त पुन: वित्तपोषण जोखिम पेश कर सकता है। 

कैल्डकौट ने यह भी कहा कि, “ऊर्जा क्षेत्र में जलवायु से संबंधित संक्रमण जोखिम कभी-कभी दूरदीर्घकालिक जोखिम के रूप में देखे जाते हैं। हमारे निष्कर्ष इस बात का समर्थन करते हैं कि उनकी क़ीमत आज रखी जा रही है: कोयले के लिए लागत बढ़ाते और रिन्यूएबल्स के लिए घटते हुए। चुनौती यह है कि यह समान रूप से नहीं हो रहा है और निश्चित रूप से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आवश्यक गति से नहीं हो रहा है। विशेष रूप सेतेल और गैस परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण लागत में वृद्धि आनी होगी। "

मुख्य निष्कर्ष

• कोयला

o   कोयला खदानों और कोयला बिजलीघरों के लिए ऋण प्रसार गंभीर रूप से बढ़ा हैपिछले एक दशक में 2007-2010 और 2017-2020 की तुलना करने पर यह 54% और 38% बढ़ गया है। ऋण प्रसार में यह स्पष्ट वृद्धि Fattouh et al. (2019) (फत्तूओह एट अल. (2019)) के निष्कर्षों का समर्थन करती हैजो दिखाते हैं कि निवेशक अन्य ऊर्जा परियोजनाओं की तुलना में कोयले को काफी अधिक जोखिम वाला मानते हैं।

o   2000-2010 की 2011-2020 से तुलना करने पर कोयला खनन के लिए औसत ऋण प्रसार यूरोपउत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित बाजारों में तेज़ी से बढ़ा हैक्रमशः 134%, 80% और 71%, और इसके सापेक्ष लैटिन अमेरिकाचीन और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे उभरते बाजारों में  क्रमशः 56%, 32% और 12% से बढ़ा है।

o   इस अवधि के दौरानउत्तरी अमेरिकाभारत और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में कोयला शक्ति के ऋण प्रसार में क्रमशः 47%, 63% और 63% की वृद्धि हुई है। दक्षिण पूर्व एशिया और भारत में ऋण की मात्रा में तेज़ी से वृद्धि हुई हैजबकि यह उत्तरी अमेरिका में यह $14 बिलियन से घटकर $8 बिलियन हो गया है।

• गैस शक्ति

o   विश्व स्तर परपिछले एक दशक मेंगैस शक्ति के लिए ऋण प्रसार ज़्यादा स्थिर रहा है, 2007-2010 की 2017-2020 के औसत की तुलना करने पर इसमें केवल 7% की वृद्धि हुई है।

o   उत्तरी अमेरिका में, 2000-2010 से 2011-2020 के मुक़ाबलेऋण प्रसार में 16% की वृद्धि हुई हैजबकि ऋण की मात्रा 17.4 बिलियन डॉलर से अति अधिक बढ़कर 106 बिलियन डॉलर हो गई है। पर पिछले दशक मेंऋण प्रसार में 28% की गिरावट आई है (2007-10 के साथ 2017-20 की तुलना में )।

• सौर पी.वी.

o   2010-2014 और 2015-2020 के औसत ऋण प्रसार की तुलना करें तो विश्व स्तर पर 20% गिरावट आई है।

o   इस अवधि के दौरानयूरोप में सौर पीवी का प्रसार 27% कम हो गया हैऔर इस बीच ऋण की मात्रा $2 बिलियन से $3 बिलियन तक बढ़ गई है। उत्तरी अमेरिका मेंऔसत ऋण प्रसार में 32% की गिरावट आई हैऔर 2015 से ऋण की मात्रा $15 बिलियन से बढ़कर $19 बिलियन हो गई है।

• पवन

o   विश्व स्तर पर, 2010-2014 और 2015-2020 के बीचतटवर्ती और अपतटीय पवन के लिए ऋण प्रसार 15% और 33% गिर गया है।

o   इस वक़्त के दौरानयूरोप में अपतटीय पवन के लिए ऋण प्रसार 39% गिर गया हैऔर ऋण मात्रा $18 बिलियन से बढ़कर $63 बिलियन हो गई है। 2010 से भारी मात्रा में ऋण यूरोपीय फर्मों के हित में जारी किए गए हैं।

o   उत्तरी अमेरिका मेंअपतटीय पवन के लिए औसत ऋण सिर्फ 1% घटा हैजबकि 2015 के बाद से ऋण की मात्रा $1.2 बिलियन से $1.5 बिलियन तक बढ़ गई है।

o   इस अवधि मेंऑस्ट्रेलियायूरोप और उत्तरी अमेरिका में तटवर्ती पवन के ऋण प्रसार  में क्रमशः 41%, 11% और 14% की गिरावट आई है। 2010 से अमेरिकी फर्मों के हित में भारी मात्रा में ऋण जारी किए गए हैं।

• तेल और गैस का उत्पादन

o   हालांकि 2000 के बाद से ऋण प्रसार बढ़े हैंपिछले एक दशक में तेल और गैस में ऋण प्रसार काफ़ी हद तक स्थिर रहा हैकेवल 3% (2007-2010 की  2017-2020 से तुलना में) बढ़ा है। इससे पता चलता है कि तेल और गैस कंपनियों पर आर्थिक तंगी कोयले के समान तरीक़े से नहीं पड़ी है।

o   2000-2010 और 2011-2020 की तुलना करने परभारतचीन और मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में तेल उत्पादन से जुड़े ऋण की लागत क्रमशः 43%, 18% और 17% तक कम हो गई हैजबकि यह अन्य क्षेत्रों और देशों में बढ़ी है। इस समय अवधि के दौरानउत्तरी अमेरिका में तटवर्ती तेल उत्पादन ऋण की मात्रा दोगुनी से अधिक हो गई है।

o   2000-2010 और 2011-2020 के औसत की तुलना मेंअपतटीय तेल उत्पादन के लिए औसत ऋण प्रसार यूरोप में 30% तक कम हो गया है।

• तेल और गैस पाइपलाइन

o   2000-2010 और 2011-2020 की तुलना मेंयूरोपउत्तरी अमेरिका और भारत में गैस पाइपलाइनों के लिए ऋण की लागत क्रमशः 80%, 52% और 67% बढ़ी है। उत्तरी अमेरिका में गैस पाइपलाइनों के लिए ऋण मात्रा की कुल राशि उत्तरी अमेरिका में दोगुनी हो गई है, $84 बिलियन से $166 बिलियनजिसमें उत्तरी अमेरिकी फर्मों के हित में भारी मात्रा में ऋण जारी किये गए हैं।

o   तेल पाइपलाइनों के लिए ऋण की लागत इस अवधि में अधिकांश क्षेत्रों में बढ़ी हैलेकिन उत्तरी अमेरिका में तेल पाइपलाइनों के लिए ऋण लगभग दोगुना हो गया है, $35 बिलियन से $63 बिलियन तक। वर्ष 2000 सेउत्तरी अमेरिकी फर्मों के हित में भारी मात्रा में ऋण जारी किये गए हैं।

• तेल और गैस रिफाइनिंग

o   यूरोप में, 2000-2010 और 2011-2020 के बीचतेल और गैस रिफाइनिंग के लिए औसत ऋण में 54% की वृद्धि हुईऋण की मात्रा की कुल राशि $174 बिलियन से $361 बिलियन तक दोगुनी से अधिक हो गई।

उत्तरी अमेरिका मेंऋण की लागत 17% बढ़ गई है। इस बीचऋण की मात्रा में 14% की वृद्धि हुई है।

Sources: