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लखीमपुर खीरी हिंसा: जांच कर रही एस.आई.टी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने के लिए निकाला विज्ञापन

    लखनऊ  /   लखीमपुर हिंसा कांड में उत्तर प्रदेश सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश के बाद विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने जांच की गति और तेज कर दी है। एसआइटी ने चश्मदीद गवाहों से साक्ष्य देने का अनुरोध करते हुए विज्ञापन निकाला है। विज्ञापन में एसआइटी अपने सदस्यों के संपर्क नंबर जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शियों से आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने और डिजिटल साक्ष्य प्रदान करने के लिए उनसे संपर्क करने का आग्रह करती किया है। एसआइटी का कहना है कि ऐसे लोगों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाएगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के सभी गवाहों को गवाह सुरक्षा योजना, 2018 के मुताबिक पुलिस सुरक्षा दी जाए। साथ ही कोर्ट ने अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी सीआरसीपी की धारा-164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष जल्द दर्ज कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर बयान दर्ज करने के लिए मजिस्ट्रेट उपलब्ध नहीं हैं तो जिला जज नजदीक के मजिस्ट्रेट से बयान दर्ज कराएंगे। इसके अलावा कोर्ट ने हिंसा म

गजब-शिक्षा विभाग का कारनामा एक मृत और दो सेवानिवृत्त अफसरों की कर दी तरक्की,प्रमोशन की सूची जारी

दंवभूमि उत्तराखण्ड में शिक्षा विभाग के कारनामे भी गजब के हैं। शासन की ओर से उप विद्यालय निरीक्षक से उप शिक्षा अधिकारी के पद पर दस अधिकारियों के प्रमोशन की जो सूची जारी की गई है उसमें एक मृतक और दो सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं।  राज्य शैक्षिक,प्रशासनिक संवर्ग सेवा के उप शिक्षा अधिकारी चयन वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के विभागीय पदोन्नति द्वारा भरे जाने वाले पदों के लिए शासन ने दस अधिकारियों की प्रमोशन की सूची जारी की है। इसमें प्रति उप विद्यालय निरीक्षक सुरेंद्र चंद्र आर्य, मान सिंह, आशाराम, मेराज अहमद, हर्षा रावत, ओम शंकर मिश्रा, सुमन राणा, हेमलता तिवाड़ी, अनिता द्विवेदी एवं अनीता चौहान का उप शिक्षा अधिकारी के पद पर प्रमोशन किया गया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इन अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पदोन्नति प्रदान करते हुए अगले आदेशों तक वर्तमान तैनाती स्थलों पर तैनात किया जाता है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इन अधिकारियों की पदोन्नति प्रेम लाल भारती बनाम उत्तराखंड राज्य की याचिका के अधीन होगी। उप शिक्षा अधिकारियों को एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रखा जाएगा। आदेश में कहा गया है कि कोविड 19 की वजह से अधिकारियों को वर्तमान स्थल पर तैनाती प्रदान की गई है। स्थिति सामान्य होने पर नए तैनाती से संबंधित आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।  इनका कर दिया प्रमोशन  प्रमोशन सूची में सातवें स्थान पर सुमन राणा का नाम है। इनसे संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह विभाग से करीब तीन साल पहले सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। इसके अलावा इस सूची में आठवें नंबर पर हेमलता तिवाड़ी भी सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। जबकि इस सूची में शामिल एक अधिकारी का दो साल पहले देहांत हो चुका है। लोक सेवा आयोग की ओर से डीपीसी में देरी की वजह से यह हुआ है। वहीं शिक्षा निदेशक आरके कुंवर का कहना है कि यह प्रकरण काफी समय तक कोर्ट में भी विचाराधीन था। . आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक  मैं अभी बाहर हूं, पहुंचने पर इस प्रकरण को दिखवाया जाएगा। . आर मीनाक्षी सुंदरम, शिक्षा सचिव Sources:AmarUjala

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